शांति और स्थिरता की राह में आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती- सुषमा स्वराज
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद कोक सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है। सार्क समिट के दौरान स्वराज ने कहा कि हमारे इलाके में स्थिरता के लिए आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती है और इसे हर रूप में खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति के लिए आपसी सहयोग की जरूरत है जिससे कि आर्थिक विकास और समृद्धता बढ़े। दक्षिण एशिया के विकास के रास्ते कई चुनौतियां हैं जिसे खत्म करने की जरूरत है।

स्वराज ने इस दौरान सार्क देशों के बीच आपसी सहयोग की बात की, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग तभी सफल हो सकता है जब इससे लोगों की अपेक्षा की पूर्ति हो। विश्व काफी तेजी से एक दूसरे से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सार्क को जरूरत है कि वह उद्योग के उदारीकरण की दिशा में साउथ एशिया फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के तहत आगे बढ़े। सार्क को अपने वायदों पर आगे बढ़ना चाहिए अन्यथा इसके पिछड़ने का खतरा बरकरार है।
विदेश मंत्री ने कहा कि पड़ोसी नीति के तहत भारत क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और विकास और समृद्धि को उच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के फल को भी साउथ एशिया कम्युनिटी के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।












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