'आतंकवाद अस्वीकार्य है, लेकिन फिलिस्तीन का भी समाधान निकालना जरूरी', इजरायल-हमास युद्ध पर बोले एस जयशंकर
इजराइल-हमास युद्ध को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जहां आतंकवाद अस्वीकार्य है, वहीं फिलिस्तीन के मुद्दे का भी समाधान निकालने की जरूरत है। उन्होंने सीनेट के विदेश मामलों और रक्षा आयोग रोम के संयुक्त सचिव सत्र में यह बात कही।
सत्र को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि 7 अक्टूबर को जो हुआ वह आतंकवाद की एक बड़ी घटना थी। इसके बाद इसने पूरे क्षेत्र को एक अलग दिशा में ले लिया है। लेकिन निश्चित रूप से यह हर किसी की आशा होनी चाहिए कि आखिरकार संघर्ष क्षेत्र के लिए सामान्य नहीं हो सकता है। यह कुछ स्थिरता और कुछ सहयोग पर वापस आ सकता है।

विदेश मंत्री ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर संतुलन बनाने की जरूरत है। इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में समाधान की नई दिल्ली की स्थिति को दोहराया। उन्होंने कहा कि इसके भीतर हमें विभिन्न मुद्दों के बीच संतुलन बनाना होगा। अगर आतंकवाद का मुद्दा है और हम सभी को आतंकवाद अस्वीकार्य है तो हमें खड़ा होना होगा। लेकिन फिलिस्तीन का मुद्दा भी है। फिलिस्तीनी लोगों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा संकट को हल करने के लिए बातचीत जरूरी है। यदि आपको कोई समाधान ढूंढना है, तो आपको बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढना होगा। आप संघर्ष और आतंकवाद के माध्यम से कोई समाधान नहीं ढूंढ सकते हैं। इसलिए हम इसका समर्थन करेंगे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए हमारा मानना है कि मानवीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी जटिल स्थिति में सही संतुलन न बनाना बुद्धिमानी नहीं है। भारत ने हमेशा फिलिस्तीन के एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य राज्य की वकालत की है जो इज़राइल के साथ शांति से रहे।
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