Telangana: लोकसभा चुनाव में BRS के लिए कड़ी चुनौती, क्या सभी 9 सीटें रहेंगी बरकरार या फिर बढ़ेंगी, जानिए
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के बाद अब निकाय और लोकसभा चुनाव की तैयारी है। पिछले चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद सवाल उठ रहा है क्या बीआरएस आम चुनाव में अपनी सभी 9 सीटें बचा पाएगा या नहीं। वहीं निकाय चुनाव में भी बीआरएस के प्रदर्शन को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनाव में बीआरएस की राहें बहुत कठिन हैं। जबकि पार्टी की ओर दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनावों में बीआरएस मजबूती के साथ वापसी करेगी।
दो दशक बाद तेलंगाना में वापसी करने वाली कांग्रेस ने राज्य में भारत राष्ट्र समिति के सामने कड़ी चुनौती पेश की। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो आगामी स्थानीय निकाय और लोकसभा चुनावों का सामना करने के लिए बीआरएस के लिए आगे की राह बहुत कठिन दिखाई दे रही है। आगामी चुनावों अगर बीआरएस को मजबूती के साथ खड़ा होना है तो जिन क्षेत्रों में कांग्रेस से हार हुई वहां लोकसभा और निकाय चुनावों में जीत कर दिखाना होगा। लेकिन हाल के विधानसभा चुनावों में हार के बाद बीआरएस के सामने अपने कैडर को मजबूती से खड़ा करने की जिम्मेदारी है।

वहीं लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ सीटें के लिए बीआरएस सूत्र का दावा है कि पार्टी करीमनगर लोकसभा सीट से बोइनापल्ली विनोद कुमार को मैदान में उतार सकती है। वह 2014 में इस निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे, लेकिन 2019 में भाजपा के बंदी संजय कुमार से हार गए। पिंक पार्टी द्वारा आदिलाबाद में पूर्व सांसद गाडेम नागेश को मैदान में उतारने की संभावना है। वारंगल से मौजूदा बीआरएस सांसद पसुनुरी दयाकर और महबुबाबाद से एम कविता को फिर से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
जबकि मल्काजगिरी लोकसभा सीट खाली हो गई है, ऐसे में बीआरएस को भी नए उम्मीदवार की तलाश करनी होगी। दरअसल इस सीट से बीआरएस उम्मीदवार मेरी राजशेखर रेड्डी ने 2019 में रेवंत रेड्डी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वहीं हाल के चुनावों में मल्काजगिरि विधानसभा क्षेत्र से भी चुने गए हैं। खम्मम से मौजूदा सांसद नामा नागेश्वर राव के फिर से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की उम्मीद है। निज़ामाबाद से पूर्व सांसद और वर्तमान एमएलसी कल्वाकुंतला कविता लोकसभा के लिए चुनाव लड़ सकती हैं।












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