तेलंगाना: मिशन भगीरथ योजना कुछ के लिए वरदान तो अन्य लोगों के लिए है दुर्लभ
Telangana Mission Bhagiratha: तेलंगाना की बीआरएस सरकार ने 2016 में मिशन भगीरथ योजना शुरू की थी। राज्य में कई लोगों के लिए ये मिशन वरदान साबित हुआ है वहीं तेलंगाना में बड़ी संख्या में अभी भी लोग पानी से वंचित हैं। इस चुनाव के दौरान जहां कई नागरिकों ने नल जल आपूर्ति योजना की जमकर तारीफ की वहीं कुछ लोगों ने उन समस्याओं को बताया जिनकी वजह से वे 'ऐतिहासिक' परियोजना के बावजूद अभी भी पानी के संकट से जूझ रहे हैं।

बता दें बीआरएस ने पहली बार सरकार बनाने के दाे साल बाद तेलंगाना में अपनी करोड़ों रुपये की सुरक्षित पेयजल परियोजना मिशन भागीरथ शुरू की थी। तेलंगाना में कई स्थानों पर नजर आने वाले नीले रंग के विशाल टैंक जिन पर नीले रंग में मिशन भागीरथ लिखा हुआ है,वो इसी योजना स्थापित किए गए थे।
तेलंगाना देश का पहला राज्य है जिसने हर घर में पीने योग्य पानी का कनेक्शन प्रदान करने के लिए 'मिशन भागीरथ' नामक परियोजना शुरू की।
हालांकि राज्य के जिन लोगों तक इसका जल पहुंचा वो उससे बहुत खुश हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने राज्य सरकार के मिशन भगीरथ के बारे में अपनी चिंताएं व्यक्त की।
मधिरा विधानसभा क्षेत्र में कपास की खेती करने वाली एल मल्लेश्वरी और मधिरा निर्वाचन क्षेत्र की महिला ने कहा हमें खुशी है कि पीने का पानी हमारे घरों तक पहुंच गया है, क्योंकि किसान का प्राथमिक संघर्ष पानी के लिए है। जो पैसा हम पानी पर खर्च करते थे, उसकी बचत हो रही है। इस बचत का उपयोग हम अपनी खेती और अन्य जरूरतों को पूरा करने में लगा रहे हैं।
वहीं बहुप्रचारित मिशन भागीरथ के तहत नल के पानी तक पहुंचने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कई लोग इसके द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी की स्वच्छता को लेकर चिंतित हैं।
धर्मपुरी निवासी विजय बाबू ने अपनी समस्या शेयर करते हुए बताया शहर गोदावरी नदी के किनारे स्थित होने के बावजूद, जहां ताजे पानी तक पहुंच एक चुनौती नहीं होनी चाहिए, निवासी अभी भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने बताया तेलंगाना सरकार की मिशन भागीरथ योजना, जिसका उद्देश्य हर घर में नल का पानी कनेक्शन प्रदान करना है, उसे कुछ क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।












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