तेलंगाना चुनाव से पहले BRS को मिली बड़ी जीत! SC,EC में हार कर भी पलट दी बाजी
तेलंगाना चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी बीआरएस ने पार्टी के सामने खड़े हुए बड़े संकट का हल ढूंढ़ लिया है। 'युग तुलसी पार्टी' (YTP)इस बात के लिए लगभग राजी हो गई है कि वह सिर्फ 5% सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगी। इससे सीएम के चंद्रशेखर राव की पार्टी के मन में समाया हुआ बहुत बडा डर दूर हो गया है।
संभावना है कि अब 'युग तुलसी पार्टी' (YTP)तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 7 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगी। ये सीटें भी मुख्य तौर पर ग्रेटर हैदराबाद, रंगारेड्डी और नालगोंडा जिलों में ही सीमित होंगी।

मिलते-जुलते चुनाव निशान से परेशान है बीआरएस
दरअसल, कुछ ही हफ्ते पहले चुनाव आयोग ने 'युग तुलसी पार्टी' (YTP)को 'रोड रोलर' चुनाव चिन्ह आवंटित किया था। सीएम केसीआर की पार्टी को इस बात की चिंता सता रही थी कि उसके आधिकारिक चुनाव निशान 'कार' से 'रोड रोलर' ईवीएम पर मिलता-जुलता दिखेगा, जिससे मतदाताओं में कंफ्यूजन पैदा होगा और पार्टी को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
बीआरएस को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी लगा था झटका
भारत राष्ट्र समिति ने पहले चुनाव आयोग में ही उसके इस फैसले को चुनौती दी थी। जब चुनाव आयोग ने फिर भी वाईटीपी को आवंटित चुनाव निशान रद्द नहीं किया, तो बीआरएस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। लेकिन, सर्वोच्च अदालत से भी जब बीआरएस को झटका लगा, तब पार्टी को इस चुनौती से निपटने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा था। पार्टी की दलील है कि मिलते-जुलते चुनाव निशानों की वजह से पहले कई चुनावों में उसकी उम्मीदवारों की हार हो चुकी है और कई जगह जीत का अंतर घट चुका है।
तेलंगाना चुनाव से पहले बीआरएस को मिली बड़ी जीत
30 नवंबर को होने वाले तेलंगाना चुनाव में इस बार बीआरएस अपनी सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है। उसके सामने कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और बीजेपी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी हुई है। लेकिन, टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 'युग तुलसी पार्टी' के अध्यक्ष के शिव कुमार ने मुख्यमंत्री केसीआर से मिलकर उन्हें 'भरोसा' दिया है कि उनकी पार्टी कम से कम सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगी, ताकि उसके चुनाव चिन्ह 'रोड रोलर' की वजह से चुनावों में बीआरएस को किसी तरह का नुकसान न हो।
सीएम केसीआर से मिले थे वाईटीपी के शिव कुमार
गौरतलब है शिव कुमार दशकों से गौ रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले 21 अक्टूबर को उनकी इसी मसले पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री से मुलाकात भी हुई थी । जानकारी के मुताबिक इस बातचीत में सीएम केसीआर ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि राज्य सरकार गौ रक्षा के लिए कदम उठाएगी।
मंगलवार को उन्होंने इसके बारे में बताया, 'हमने गौ रक्षा के उपायों को लेकर चर्चा की है और केसीआर ने मेरे अनुरोध पर सकारात्मक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस मसले पर जल्दी है प्रेस के साथ एक बैठक करेंगे।' हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि दोनों के बीच 'रोड रोलर' चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने को लेकर भी किसी तरह की बात हुई।
'युग तुलसी पार्टी' को 5% सीटों पर लड़ना अनिवार्य
चुनाव आयोग में 'युग तुलसी पार्टी' का रजिस्ट्रेशन सितंबर 2022 में ही हुआ है। ईसीआई की गाइडलाइंस के अनुसार उसे कम से कम 5% सीटों पर चुनाव लड़ना ही होगा। इस हिसाब से 119 का 5% 7 सीटों होंगी। खुद शिव कुमार ने कहा है कि वे मुनुगोडे सीट से चुनाव लड़ेंगे। वे पिछले साल नवंबर में भी इसी सीट से उपचुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के पूर्व सदस्य शिव कुमार ने पिछले उपचुनावों के दौरान केसीआर से गौशाला बनाने के लिए 1,000 एकड़ जमीन आवंटित करने की मांग की थी, जहां वे एक लाख से ज्यादा गायों को सुरक्षित रखने के लिए गौशाला का निर्माण कर सकें। लेकिन, लगता है कि इस बार उन्हें इस मोर्चे पर भरोसे के रूप में सफलता मिल गई है और उसके बदले में बीआरएस का बड़ा संकट टल गया लगता है।












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