Telangana: धरणी पोर्टल के तहत भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर सख्ती, जांच समिति ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट
कांग्रेस ने पूर्व की बीआरएस सरकार पर आरोप लगाया है कि धरणी पोर्टल के तहत भूमि रिकॉर्ड को अनाधिकृत रूप से बदल दिया गया है। राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक बीआरएस सरकार में एक मंत्री की मदद से अवैध रूप से पोर्टल के किसानों की भूमि को प्रभावित किया गया।
तेलंगाना की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने धरणी पोर्टल के कार्यान्वयन में कुछ खामियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोर्टल में खामियों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना की पूर्व में बीआरएस नेतृत्व वाली सरकार पर टीएसटीएस को बीआरएस सरकार के एक मंत्री की मदद से अवैध रूप से पोर्टल तक पहुंच का पता चला है। जिसको लेकर अधिकारियों को संदेह है कि इसके तहत हजारों करोड़ रुपये की आवंटित, वन, बंदोबस्ती, वक्फ और राज्य के स्वामित्व वाली भूमि के रिकॉर्ड बदलाव किए गए। जिसका उद्देश्य अनाधिकृत रूप से लाभ पहुंचाना था।
सूत्रों के हवाले से द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना राज्य प्रौद्योगिकी सेवा (TSTS) के कार्यालय से कुछ भूमि रिकॉर्ड 'अनधिकृत' रूप से अपडेट किए गए थे। राजस्व अधिकारियों ने रिकॉर्ड बदलने के लिए उपयोग किए गए इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते के वेरिफिकेशन के दौरान इसका पता लगाया।
क्या है नियम
तेलंगाना भूमि अधिकार और पट्टादार पास बुक अधिनियम, 2020 के अनुसार, रजिस्ट्रार - तहसीलदार-सह-संयुक्त उप-रजिस्ट्रार और जिला कलेक्टरों के पास भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करने का अधिकार है। जबकि बीआरएस सरकार ने भूमि रिकॉर्ड को अपडेटट करने में ग्राम राजस्व अधिकारी, प्रभागीय राजस्व अधिकारी और संयुक्त/अपर कलेक्टर की भूमिका समाप्त कर दी थी।
रेवंत ने धरणी पोर्टल की कमियों पर रिपोर्ट मांगी
धरणी पोर्टल के तहत भूमि संबंधी सभी मुद्दों के समाधान को लेकर शिकायतों और रिकॉर्ड में अनधिकृत बदलाव के आरोपों के बात रेवंत सरकार ने गंभीरता से लिया है। सीएम के रूप में शपथ लेने के के बाद मामले में मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने भूमि प्रशासन के मुख्य आयुक्त (सीसीएल) से धरणी पोर्टल की कमियों पर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा था। जिसके बाद अधिकारी अब उन व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं जो भूमि रिकॉर्ड में बदलाव में संलिप्त थे।
इसको लेकर धरनी पोर्टल पर पांच सदस्यीय समिति ने 24 जनवरी के एक अहम बैठक की। ये बैठक राज्य सचिवालय में सिद्दीपेट, रंगारेड्डी, निजामाबाद और वारंगल जिलों के जिला कलेक्टरों के साथ की गई। बैठक में राजस्व मंत्री श्रीनिवास रेड्डी को समिति ने मामले में जांच की प्रगति की जानकारी ली।












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