तेलंगाना: 'बंधु योजनाएं और मौजूदा विधायकों के खिलाफ नाराजगी के कारण BRS की हुई हार', बोले KTR
Telangana News: बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने रविवार को स्वीकार किया कि 'बंधु' योजनाओं और मौजूदा विधायकों के खिलाफ नाराजगी के कारण हाल के विधानसभा चुनावों में बीआरएस को हार का सामना करना पड़ा।
तेलंगाना भवन में जहीराबाद निर्वाचन क्षेत्र के लिए बीआरएस पार्टी की लोकसभा चुनाव तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बीआरएस को विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायकों की जगह नए उम्मीदवारों को लाना चाहिए था।

अन्य वर्गों ने विधानसभा चुनावों में बीआरएस को वोट नहीं दिया
केटी रामा राव ने कहा कि चूंकि दलित बंधु योजना पूरे निज़ामसागर मंडल में लागू की गई थी, इसलिए अन्य वर्गों ने विधानसभा चुनावों में बीआरएस को वोट नहीं दिया। जब एक वर्ग को सरकार से सहायता मिलती है तो दूसरे वर्ग को ईर्ष्या होने लगती है। समाज अब इसी तरह सोचता है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि हनुमंत शिंदे जुक्कल क्षेत्र में 1100 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। उन्होंने दावा किया कि नारायणखेड़ से आए एक बाहरी व्यक्ति ने कांग्रेस के टिकट पर सीट जीती थी।
यह कहते हुए कि यदि बीआरएस मजबूत नहीं रही, तो अन्य दल तेलंगाना शब्द को मिटा देंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में त्रिकोणीय लड़ाई होगी और ऐसा परिदृश्य बीआरएस के पक्ष में काम करेगा। ऐसी चर्चा है कि बीआरएस को विधानसभा चुनावों में मौजूदा विधायकों को बदलना चाहिए था। पार्टी लोकसभा चुनाव में ऐसी गलतियां नहीं दोहराएगी।
पूर्व राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन और उनकी पत्नी विमला ने रविवार को यहां पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
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