Telangana: 'क्या AIMIM की मदद से कांग्रेस-BRS में हुआ गुप्त समझौता?' BJP ने रेवंत रेड्डी सरकार को घेरा
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार के मामले को बहुत बड़ा मुद्दा बनाया गया था। अब बीजेपी ने राज्य की ए रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार से पूछा है कि इसने इस घोटाले की जांच के लिए केंद्र से सीबीआई इंक्वायरी की मांग अबतक क्यों नहीं की है।
हैदराबाद में तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने सवाल किया है कि क्या कांग्रेस सरकार और विपक्षी बीआरएस के बीच कोई 'गुप्त' समझौता हुआ है, जिसमें एआईएमआईएम ने बिचौलिए की भूमिका निभाई हो।

कालेश्वरम प्रोजेक्ट की सीबीआई जांच क्यों नहीं हो रही-बीजेपी
रेड्डी ने कहा है कि 'जब विपक्ष में थी तो कंग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे की सीबीआई जांच की मांग की थी। आज, मुख्यमंत्री सीबीआई जांच की मांग को लेकर केंद्र को चिट्ठी क्यों नहीं लिख रहे हैं? कांग्रेस सरकार कालेश्वरम प्रोजेक्ट की ईमानदारी से जांच चाहती है या नहीं? वे दोषियों को सजा दिलाना चाहते हैं या नहीं?'
तेलंगाना के भाजपा अध्यक्ष ने कहा है, 'मैं जानना चाहता हूं कि क्या मुख्यमंत्री (रेवंत रेड्डी) में कोई ईमानदारी है। बीआरएस सरकार का सबसे बड़ा घोटाला कालेश्वरम प्रोजेक्ट था। क्या आप सीबीआई जांच का आदेश देना चाहते हैं? क्या आप (केंद्र को) चिट्ठी लिखेंगे। '
क्या भ्रष्टाचार पर अपने वादों से पीछे हट रही है कांग्रेस?
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक पिछले साल नवंबर में हुए चुनावों के दौरान कांग्रेस ने दावा किया था कि अगर सत्ता में आती है तो वह इस प्रोजेक्ट के साथ ही तत्कालीन बीआरएस सरकार के 'भ्रष्टाचार के कारनामों' की जांच का आदेश देगी।
उन्होंने कहा कि पिछली के चंद्रशेकर राव सरकार ने दावा किया था कि कालेश्वरम प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग की एक मिसाल है और जो सबसे बड़ा लिफ्ट इरीगेशन प्रोजेक्ट है। उनके अनुसार उनका यह भी दावा था कि इस प्रोजेक्ट में दुबई के सात बुर्ज खलीफा के बराबर कंक्रीट और पेरिस के 15 एफिल टॉवर के बराबर लोहा लगा है।
यह बांध पिछले साल अक्टूबर में भी इसके मेडीगड्डा बैराज के तटबंधों के डूबने के चलते विवादों में आ गया था और नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी ने भी इसको लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
अब बीजेपी नेता ने पूछा है कि कालेश्वरम प्रोजेक्ट और इसपर खर्च हुए 1 लाख करोड़ रुपए और तेलंगाना की जनता का भविष्य क्या है। उन्होंने कहा है मेडीगड्डा बैराज तो इस प्रोजेक्ट की जीवन रेखा थी।
बीजेपी का कांग्रेस सरकार से सीधा सवाल है कि विपक्ष में रहने पर तो वह भ्रष्टाचार को बहुत बड़ा मुद्दा बनाए थी, अब सत्ता में आने पर कथित तौर पर क्यों ढिलाई बरती जा रही है? (इनपुट-पीटीआई)












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