टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू का आह्वान- संसद में वाईएसआरसी सरकार की विफलताओं को उजागर करें
आंध्र प्रदेश में 2024 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसके अलावा 2024 में ही लोकसभा चुनाव भी होने हैं। इससे पहले आंध्र प्रदेश में विरोधी पार्टी टीडीपी प्रदेश सरकार पर जमकर हमले बोल रही है। वहीं 4 दिसंबर से शुरू संसद के शीतकालीन सत्र के लिए टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आह्वान किया कि संसद में आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसी सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाए।

बता दें 4 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले टीडीपी मुखिया एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को उदांवल्ली में स्थित अपने आवास पर तेलुगु देशम संसदीय दल (टीडीपीपी) की बैठक की। तिरुमाला से अपने आवास लौटने के बाद नायडू ने बैठक की अध्यक्षता की और टीडीपी सांसदों को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अपनाई रणनीति समझाई।
नायडू ने टीडीपी सांसदों को सुझाव दिया कि वे इस बात को संसद में उठाएं कि राज्य में व्यवथाएं किस तरह से पटरी पर नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मंशा ये है कि सांसद संसद में यह बताएं कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने सभी मोर्चों पर विफल होने के बाद मतदाता नामांकन में कैसे अनियमितताएं बरतीं है।
वहीं पोलावरम परियोजना के कार्यों को लागू करने में वाईएसआरसी सरकार की लापरवाही और एपी पुनर्गठन अधिनियम में दिए गए आश्वासनों को प्राप्त करने में उसकी विफलता को संसद में उठाया जाना चाहिए।
टीडीपी ने आरोप लगाया कि प्रतिशोध में वाईएसआरसी सरकार योजनाओं के तहत केंद्र द्वारा राज्य को दिए जा रहे धन का उपयोग करने में बुरी तरह विफल रही है। सरकार ने बराबर का अनुदान जारी नहीं किया गया। राज्य में कई केंद्र प्रायोजित योजनाएं ठप हो गईं। उन्होंने कहा, "आखिरकार, वाईएसआरसी सरकार के उदासीन रवैये के कारण राज्य के लोगों को नुकसान हुआ है।"












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