TCS में 'व्हाइट कॉलर' आतंक का जाल! फरार HR Nida Khan का आतंकी शाहीन से कनेक्शन, स्पेशल सेल की एंट्री
TCS HR Nida Khan Terror Link: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने अब एक बेहद गंभीर और खतरनाक मोड़ ले लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी और टीसीएस की एचआर (HR) एग्जीक्यूटिव निदा खान का संबंध लाल किला बम धमाके की दोषी और जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद (Dr Shaheen Shahid) से होने की बात सामने आई है।
इस आतंकी कनेक्शन के उजागर होने के बाद अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी मोर्चा संभाल लिया है और जांच के लिए जल्द ही एक टीम नासिक रवाना हो सकती है।

कॉर्पोरेट जगत में कट्टरपंथ का खतरनाक नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल कार्यस्थल पर उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक 'व्हाइट कॉलर' आतंकी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक फरार आरोपी निदा खान के बारे में पता चला है कि वह नासिक में डॉ. शाहीन शाहिद के साथ लंबे समय तक जुड़ी रही और जैश-ए-मोहम्मद के उस कट्टरपंथी नेटवर्क का हिस्सा थी जो महिलाओं को संगठन से जोड़ने का काम करता है।
पुलिस को संदेह है कि कॉर्पोरेट ऑफिस का उपयोग युवाओं को बरगलाने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने और धर्मांतरण के जरिए भर्ती करने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा था।
पीड़ितों की आपबीती और धर्मांतरण का दबाव
इस मामले में टीसीएस की करीब 12 महिला कर्मचारियों ने निदा खान और कंपनी के अन्य टीम लीडर्स पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन पर इस्लामिक रीति-रिवाजों को अपनाने, नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता था। नासिक पुलिस अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जिसमें जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की धाराएं शामिल हैं।
मैंनेजमेंट की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे अत्यंत चिंताजनक और दुखद बताया है। टीसीएस ने आरोपी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और कंपनी की सीओओ आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में एक आंतरिक जांच समिति गठित की गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यूनिट के ऑपरेशन हेड और एक अन्य एचआर मैनेजर ने पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से रोकने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि निदा खान अभी भी फरार है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और केंद्रीय एजेंसियों की नजर
चूंकि इस मामले के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठनों से जुड़ रहे हैं, इसलिए यह अब राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बन गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अलावा एनआईए (NIA), एटीएस (ATS) और एसआईडी (SID) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में जुटी हैं। एसआईटी वर्तमान में डिजिटल सबूतों, वॉट्सऐप चैट्स और आधिकारिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस हाइब्रिड आतंकी मॉड्यूल के पूरे ढांचे का भंडाफोड़ किया जा सके।














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