'अगर मैं मर जाती तो...', तसलीमा का आरोप दिल्ली के अस्पताल ने जबरन की उनके hip की सर्जरी

Taslima Nasreen: बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने दावा किया है कि दिल्ली के एक निजी अस्पताल ने जबरन उनके हिप की सर्जरी की है। तसलीमा नसरीन ने अपने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि उनके घुटने में दर्द था लेकिन दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे लाखों रुपये लूट लिए गए और हिप का टोटल रिप्लेसमेंट कर दिया गया। तसलीमा नसरीन का आरोप है कि वह फिलहाल सही से चल-फिर नहीं पा री हैं। तसलीमा नसरीन का दावा है कि जब वह अस्पताल गई तो वहां के लोगों ने उन्हें डरा दिया और 'दहशत की स्थिति' पैदा कर दी और उन्हें हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए 'मजबूर' किया। हालांकि प्राइवेट अस्पताल ने दावे का खंडन किया है।

अस्पताल ने कहा- कंसेंट से हुआ सबकुछ
प्राइवेट अस्पताल ने लेखिका तसलीमा नसरीन के आरोपों का खंडन किया है। इंडियन एक्सप्रेस द्वारा रिपोर्ट किए गए एक बयान में कहा है कि इलाज और ऑपरेशन के लिए पेशेंट से 'औपचारिक रूप से सहमति' ली गई थी और सभी अनुशंसित प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।
अस्पताल ने कहा, "मरीज (तसलीमा नसरीन) ने बताया था कि वह गिर गई थीं। इस फील्ड में तीन दशकों से अधिक के अनुभव वाले सलाहकार, सक्षम और अनुभवी सर्जन ने उनका इलाज किया था। निर्धारित डायग्नोस्टिक और वर्क अप का उपयोग करके उनका इलाज किया गया है। उसकी चिकित्सा स्थिति और उम्र को देखते हुए, हिप रिप्लेसमेंट की सिफारिश की गई थी।''

तसलीमा नसरीन बोलीं- अस्पताल 'झूठ' बोल रहा था...'
तसलीमा नसरीन जिस अस्पताल में गई थी और जिसपर आरोप लगाया है वो 'अपोलो अस्पताल' है। तसलीमा नसरीन ने अपोलो अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनको एक्स-रे या सीटी स्कैन का रिजल्ट नहीं दिखाया गया। तसलीमा नसरीन ने कहा, ''अस्पताल 'झूठ' बोल रहा था। अगर मैं हिप रिप्लेसमेंट की सर्जरी की जटिलताओं के कारण मर जाती हूं तो वे जिम्मेदार होंगे।''

'मैं घुटने के दर्द के लिए अपोलो में गई थी...'
मंगलवार को सिलसिलेवार ट्वीट में लेखिका ने कहा कि वह घुटने के दर्द के संबंध में परामर्श के लिए अस्पताल गई थीं और डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उनकी हिप की हड्डी टूट गई है। तसलीमा नसरीन बोलीं, ''मैं घुटने के दर्द के लिए अपोलो में गई थी। डॉ यतिंदर खरबंदा ने मुझे बताया कि मुझे हिप फ्रैक्चर था लेकिन मुझे एक्स-रे/सीटी नहीं दिखाया। मुझे 13 जनवरी को फिक्सेशन के लिए भर्ती कराया गया था लेकिन 14 जनवरी को उन्होंने मुझे टोटल हिप रिप्लेसमेंट करने के लिए मजबूर किया। बाद में हिप फ्रैक्चर नहीं मिला और समरी झूठा डिस्चार्ज किया गया।"

'गलत इलाज की वजह से मैं चल नहीं पा रही हूं...'
तसलीमा नसरीन ने दावा किया कि उन्हें 'सोचने का समय नहीं दिया गया, मुझे दोस्तों और परिवारों के साथ बात करने की सलाह नहीं दी गई थी। मैं गलत इलाज की वजह से चलने में असमर्थ हूं। मैं स्वस्थ और तंदुरुस्त थी। 1 जनवरी तक दौड़ रही थी और डॉ. खरबंदा के गलत इलाज के कारण 31 जनवरी तक चल भी नहीं पा रही थी। मैंने अस्पताल को 742,845.00 बिल दिया है।''












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