Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Tamil Nadu Election से पहले फिर भाषा पर रार! उत्तर भारतीयों पर मंत्री जी के बिगड़े बोल, मचा सियासी बवाल

Tamil Nadu MRK Panneerselvam Row: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले एक बार फिर हिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषा का विवाद तेज हो गया है। राज्य के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम (MRK Panneerselvam) के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।

मंत्री की टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ अन्य राज्यों के नेताओं ने भी कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपमानजनक, विभाजनकारी और असंवेदनशील बताया है।

tamil-nadu-mrk-panneerselvam-controversy-north-indians

कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने आखिर उत्तर भारतियों औक हिंदी भाषियों को लेकर ऐसा क्या बोल दिया जिससे राज्य समेत दिल्ली की राजनीति में गरमाहट आ गई। विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला...

MRK Panneerselvam controversy: क्या कहा था मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने?

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर भारत से आने वाले लोग, जिन्होंने केवल हिंदी सीखी है, उन्हें तमिलनाडु में सीमित रोजगार के अवसर मिलते हैं और वे अक्सर कम वेतन वाले काम करने को मजबूर होते हैं। मंत्री ने कहा, उत्तर भारत से आए लोग तमिलनाडु में टेबल साफ करने, निर्माण मजदूर के तौर पर काम करने या पानीपुरी बेचने जैसे काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने सिर्फ हिंदी सीखी है।

इसके उलट, उन्होंने तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेज़ी) का बचाव करते हुए कहा कि राज्य के छात्र अंग्रेजी सीखने के कारण विदेशों में बेहतर अवसर पा रहे हैं। हमारे बच्चे अमेरिका, लंदन जैसे देशों में जा रहे हैं और करोड़ों रुपये कमा रहे हैं, क्योंकि हमने अंग्रेजी को प्राथमिकता दी है।

Hindi vs regional language: बयान के बाद मचा राजनीतिक हंगामा

मंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और हिंदी भाषी राज्यों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। आलोचकों ने कहा कि यह बयान न केवल हिंदी भाषियों को नीचा दिखाने वाला है, बल्कि देश को भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश भी है।

विवाद बढ़ता देख सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू कर दी। पार्टी के प्रवक्ता डॉ. सैयद हाफीज़ुल्लाह ने कहा कि मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।

उन्होंने साफ किया कि, DMK किसी भी भाषा बोलने वाले लोगों या किसी पेशे के खिलाफ नहीं है। हर कानूनी काम की अपनी गरिमा होती है। उन्होंने कहा कि मंत्री का मकसद तमिलनाडु की दो-भाषा नीति और अंग्रेज़ी के जरिए वैश्विक अवसरों को उजागर करना था, न कि हिंदी भाषियों का अपमान करना।

DMK Language Policy: 'हिंदी थोपने' के विरोध पर कायम DMK

DMK के लोकसभा सांसद टी. आर. बालू ने भी बयान दिया कि मंत्री ने उत्तर भारतीयों के खिलाफ कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा। उन्होंने दोहराया कि पार्टी का विरोध केवल "हिंदी थोपने" (Hindi Imposition) से है, न कि हिंदी बोलने वाले लोगों से।

इस विवाद पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूरों पर निर्भर है और ऐसे बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं। समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे उत्तर भारतीयों का अपमान बताया। जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि उत्तर भारत के लोगों ने देश के हर कोने में काम कर आर्थिक विकास में अहम योगदान दिया है।

तीन-भाषा नीति को लेकर पुराना विवाद फिर जिंदा

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की तीन-भाषा नीति को लेकर तमिलनाडु पहले से ही केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर है। राज्य सरकार का आरोप है कि तीन-भाषा फार्मूला हिंदी थोपने का रास्ता खोलता है। तमिलनाडु लंबे समय से सरकारी स्कूलों में तमिल और अंग्रेज़ी की दो-भाषा नीति का पालन करता आ रहा है।

हाल ही में एक सम्मेलन में तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने कहा था कि राज्य को हिंदी बोलने वालों से कोई समस्या नहीं है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी तमिल भाषा की रक्षा और प्रोत्साहन करना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विदेशी समुदाय भी बिना किसी भाषाई टकराव के रहते और काम करते हैं।

चुनावी माहौल में भाषाई राजनीति गरमाई

विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले भाषा का मुद्दा उठना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। तमिलनाडु में भाषा और पहचान का सवाल दशकों से चुनावी राजनीति का अहम हिस्सा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह विवाद चुनावी नतीजों को किस हद तक प्रभावित करता है और क्या DMK इस बयान से हुए नुकसान की भरपाई कर पाती है या नहीं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+