अजन्मे बच्चे का जेंडर बताकर बुरे फंसे YouTuber इरफान! PM मोदी ने दिया था बेस्ट कंटेंट क्रिएटर का अवॉर्ड
Tamil YouTuber Irfan: तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले यूट्यूबर इरफान काफी पॉपुलर हैं।यूट्यूबर और फूड व्लॉगर इरफान को हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें बेस्ट कंटेट क्रिएटर अवॉर्ड से सम्मानित किया था। लेकिन हाल ही में वो एक नई मुसीबत में फंसते नजर आए है।
यूट्यूबर इरफान का यूट्यूब चैनल 'इरफान व्यू' नाम से है। जिस पर उन्होंने अपने अजन्मे बच्चे का लिंग परीक्षण कराकर मुसीबत में फंसते नजर आ गए हैं। अपने होने वाले बच्चा का जेंडर बताने के लिए तमिलनाडु सरकार ने उनको नोटिस भेजा है।

तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने भेजा नोटिस
एक अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने तमिल यूट्यूबर और फूड व्लॉगर इरफान को अपने सोशल मीडिया चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपने अजन्मे बच्चे के लिंग का खुलासा करने के लिए नोटिस जारी किया है।
विभाग ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 का उल्लंघन करने पर यह कदम उठाया है। विभाग ने तमिल यूट्यूबर से प्रसव से पहले लिंग परीक्षण और उसका खुलासा करने वाले वीडियो को भी हटाने का निर्देश दिया है।
राज्य प्रवर्तन अधिकारी और चिकित्सा- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए इरफान को नोटिस जारी किया, जो भारत में एक अजन्मे बच्चे के लिंग के निर्धारण और प्रकटीकरण पर रोक लगाता है।
अपनी दुबई यात्रा के बारे में बताया
दरअसल, 18 मई को पोस्ट किए गए वीडियो में व्लॉगर और उसकी पत्नी को दुबई के एक अस्पताल में लिंग निर्धारण परीक्षण कराते हुए दिखाया गया है। वीडियो में 2 मई को अस्पताल में उनकी यात्रा के बारे में बताया गया और बाद में उन्हें चेन्नई में एक 'जेंडर रिवील' पार्टी की मेजबानी करते हुए दिखाया गया है।
इरफ़ान ने वीडियो में इस बारे में बताया था कि भारत में लिंग परीक्षण अवैध है, लेकिन कई अन्य देशों में इसकी अनुमति है। उनकी दुबई यात्रा के साथ-साथ लिंग रिवील पार्टी को उनके यूट्यूब चैनल पर व्लॉग में दर्ज किया गया था, जिस पर 4.28 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं।
इरफान में बताया क्या थी उसकी इच्छा?
अकेले लिंग रिवील करने वाले वीडियो को 2 मिलियन से अधिक बार देखा गया, जबकि दुबई यात्रा व्लॉग को लगभग 1.1 मिलियन बार देखा गया। वीडियो में इरफ़ान ने खुलेआम एक बेटी की इच्छा व्यक्त की और बच्चे के लिंग का पता चलने पर अपनी अत्यधिक खुशी भी शेयर की।
अब स्वास्थ्य विभाग ने साइबर अपराध अधिकारियों को यूट्यूब से विवादास्पद वीडियो हटाने का निर्देश दिया है। इसने इरफान से स्पष्टीकरण भी मांगा है और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की सिफारिश की है।
पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के कारण भारत में अजन्मे बच्चे के लिंग का खुलासा करना गैरकानूनी है, जिसका उद्देश्य लिंग आधारित गर्भपात को रोकना और अजन्मे बच्चों की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना है।












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