तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम 2021: कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? स्टालिन और पलानीस्वामी में मुकाबला
तामिलनाडु में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है और मुख्य मुकाबला DMK और AIDMK के बीच है। वहीं, तामिलनाडु में नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसको लेकर भी अटकलें शुरू हो चुकी हैं।
चेन्नई, मई 02: तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, आज इसका जबाव मिल जाएगा। तामिलनाडु में वोटों की गिनती चल रही है और मुख्य मुकाबला डीएमके और एआईडीएमके के बीच है। तामिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं और ये पहली बार है जब बीजेपी का भी तामिलनाडु में प्रभाव देखा जा रहा है और इस बार तामिलनाडु में बीजेपी को एआईडीएमके को समर्थन हासिल है, लेकिन इसका असर कितना पड़ने वाला है, ये कुछ घंटों के बाद पता चल जाएगा। वोटों की गिनती शुरू हो गई है। हालांकि, आखिरी नतीजे आने में इस बार थोड़ा ज्यादा समय लगने वाला है। कोरोना वायरस की वजह से वोटों की गिनती में इस बार देरी होने की संभावना है।

कौन बनेगा मुख्यमंत्री?
तामिलनाडु में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे बड़ा चेहरा डीएमके एमके स्टालिन और एआईडीएमके के पलनास्वामी हैं। पलनास्वामी फिर से सत्ता में वापसी करने का सपना देख रहे हैं तो एमके स्टालिन डीएमके को फिर से सत्ता में लाना चाहते हैं। डीएमके का दावा है कि इस बार प्रदेश में पार्टी की लहर है और भारी बहुमत से डीएमके सत्ता में आने वाली है वहीं एआईडीएमके का कहना है कि सत्ता से वो बाहर नहीं होने वाली है और प्रदेश में फिर से उसकी सरकार बनेगी। हालांकि एग्जिट पोल डीएमके के सत्ता में आने की बात कह रही है लेकिन एआईडीएमके ने एग्जिट पोल के नतीजों को नकार दिया है। डीएमके अगर तामिलनाडु में बहुमत पाने में सफल रहती है तो फिर माना जा रहा है कि एमके स्टालिन ही मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं अगर एआईडीएमके सरकार बचाने में कामयाब होती है तो फिर पलानीस्वामी के फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है।
तामिलनाडु की राजनीतिक स्थिति?
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक की सरकार है, हालांकि पार्टी जयललिता की मौत के बाद से ही बहुत सुखद स्थिति में नहीं रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में द्रमुक और कांग्रेस गठबंधन ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक को करारी हार दी थी। इस चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा मिलकर लड़े हैं। वहीं डीएमके और कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं।
2016 में एआईडीएमके को जीत
तमिलनाडु में 2016 के विधानसभा चुनाव में जनता ने जयललिता को गद्दी सौंपी, जहां पर AIDMK को 135 सीटों पर विजय हासिल हुई, जबकि DMK 88 सीटों पर सिमट गई। पिछले चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जहां उसका खाता भी नहीं खुला। वहीं कांग्रेस ने सिर्फ 8 सीटों पर कब्जा जमाया था।












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