Opinion poll: DMK या NDA? तमिलनाडु में किसकी बनेगी सरकार? CM की पहली पसंद कौन? सर्वे ने खोल दिए सारे राज
Tamil Nadu Election 2026 (Opinion poll): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। इस बीच दो बड़े प्री-पोल सर्वे सामने आए हैं, जिन्होंने चुनावी तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला DMK गठबंधन इस बार भी बढ़त बनाए हुए है और सत्ता में वापसी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
लोक पोल और पोल ट्रैकर जैसे सर्वे एजेंसियों के आंकड़े एक ही दिशा में इशारा करते हैं, DMK गठबंधन विपक्ष से काफी आगे है। वहीं NDA और नई एंट्री विजय की पार्टी TVK के बीच वोटों का बंटवारा DMK के लिए सबसे बड़ा फायदा बनता दिख रहा है।

DMK, NDA और TVK किसको कितनी सीटें? सर्वे के आंकड़े क्या कहते हैं?
| पार्टी/गठबंधन | Lok Poll (सीटें/वोट%) | Poll Tracker (सीटें/वोट%) |
|---|---|---|
| DMK Alliance | 181-189 (40.1%) | 172-178 (42.7%) |
| AIADMK-NDA | 38-42 (29%) | 46-52 (30.3%) |
| TVK | 8-10 (23.9%) | 6-12 (19.2%) |
| NTK | नगण्य (4.9%) | 0-2 (5.1%) |
| अन्य | 2.1% | 0 (2.8%) |
CM की पहली पसंद कौन? (Who is the Top CM Choice?)
सर्वे में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। पहली पसंद के तौर पर एमके स्टालिन सबसे आगे हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर विजय और तीसरे नंबर पर एडप्पाडी क पलनीस्वामी का नाम आता है। मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग स्टालिन को एक अनुभवी और स्थापित नेता के रूप में देखता है, जो उन्हें बाकी चेहरों पर बढ़त दिलाता है।
सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक, DMK की बढ़त के पीछे उसकी वेलफेयर स्कीमें सबसे बड़ी वजह हैं। महिलाओं के लिए 'Kalaignar Magalir Urimai Thogai', फ्री बस यात्रा और ब्रेकफास्ट स्कीम जैसी योजनाओं ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ बनाई है। खासतौर पर महिला वोटर्स के बीच DMK की लोकप्रियता ने पार्टी को चुनावी बढ़त दिलाई है।
विपक्ष का बंटा वोट-DMK का सबसे बड़ा फायदा
DMK के लिए सबसे बड़ा गेम-चेंजर विपक्ष का बंटा हुआ वोट है। एक तरफ अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाला NDA है, तो दूसरी तरफ विजय की TVK। दोनों के बीच वोट शेयर बंटने से DMK को सीधा फायदा मिल रहा है।
Vijay की एंट्री-युवाओं में क्रेज, सीटों में कमी
- विजय की पार्टी TVK इस चुनाव में पहली बार उतर रही है और उसने युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के बीच अच्छा खासा असर बनाया है।
- सर्वे के मुताबिक, TVK को 19% से 23% तक वोट मिल सकते हैं। हालांकि, यह वोट सीटों में ज्यादा तब्दील नहीं हो पा रहा क्योंकि पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है।
- यानी लोकप्रियता है, लेकिन संगठन और गठबंधन की कमी TVK के रास्ते में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
AIADMK की मुश्किलें-अंदरूनी कलह भारी
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम इस बार कई चुनौतियों से जूझ रही है। पार्टी में अंदरूनी मतभेद, नेताओं का पलायन और कमजोर कैडर इसकी सबसे बड़ी कमजोरियां बनकर सामने आई हैं। सर्वे के मुताबिक डेल्टा और दक्षिणी जिलों में AIADMK की स्थिति खास तौर पर कमजोर दिख रही है।
समुदायों का रुझान किस ओर? (Community Voting Trends)
चुनाव में अलग-अलग समुदायों का झुकाव भी काफी अहम होता है।
- मुस्लिम, क्रिश्चियन, नादार और आदि द्रविड़ समुदाय DMK गठबंधन की ओर झुकते दिख रहे हैं
- वन्नियार और कोंगु वेल्लालर समुदाय NDA के साथ बने हुए हैं
- मछुआरा समुदाय, जो पहले AIADMK के साथ था, अब TVK के चलते बंटता दिख रहा है
इस समीकरण ने भी DMK को बढ़त दिलाई है।
मोदी और BJP को लेकर क्या सोच? (Perception About BJP & Modi)
सर्वे में यह भी सामने आया कि राज्य के कुछ हिस्सों में नरेंद्र मोदी और भाजपा को लेकर संदेह और दूरी की भावना है। AIADMK का BJP के साथ गठबंधन होने से अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण DMK के पक्ष में हुआ है।
दोनों बड़े सर्वे का सीधा निष्कर्ष यही है कि तमिलनाडु में इस बार भी DMK गठबंधन की सरकार बनने की संभावना सबसे ज्यादा है। हालांकि, TVK की एंट्री ने चुनाव को दिलचस्प जरूर बना दिया है और AIADMK को कड़ी चुनौती दे दी है। लेकिन मौजूदा हालात में देखें तो स्टालिन की अगुवाई वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में है, जबकि विपक्ष अभी भी बिखरा हुआ नजर आ रहा है।
आने वाले दिनों में प्रचार, गठबंधन और मुद्दों के बदलने से तस्वीर बदल सकती है, लेकिन फिलहाल के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं-तमिलनाडु में सत्ता की कुर्सी DMK के पास ही रह सकती है।












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