तमिलनाडु: सीएम पलानीस्वामी बोले- NPR में 3 नए सवालों का जवाब देना जरूरी नहीं
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एके पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य के लोग राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर(एनपीआर) में जोड़े गए तीन नए सवालों को अपनी इच्छा के अनुसार चुन सकते है या फिर छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु में पैदा हुआ कोई भी मुस्लिम राज्य में होने वाले एनपीआ से प्रभावित नहीं होगा। एआईएडीएमके सरकार एक किले की तरह मुसलमानों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जनगणना के दौरान एनपीआर किया जाएगा और लोग नए जोड़े गए सवालों के जवाब नहीं देने का विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु में एनपीआर का विवरण उसी तर्ज पर एकत्र किया जाएगा जैसा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में किया जाता है। उन्होंने कहा कि, एक केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि व्यक्ति चाहे तो इन विवरणों को छोड़ सकता है। यह अनिवार्य नहीं है। उन्हें इस जानकारी के लिए कोई प्रमाण प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय की महिलाओं से अपना विरोध छोड़ने और तमिलनाडु सरकार को अपना समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोग एनपीआर में हाल ही में पूछे गए तीन सवालों को छोड़ सकते हैं, जिसमें उनके माता और पिता के जन्म स्थान का विवरण भी शामिल है। बता दें कि, एनपीआर फॉर्म में तीन नए जोड़े गए प्रश्नों के लिए नागरिकों को व्यक्ति द्वारा बोली जाने वाली भाषा के बारे में जानकारी के साथ-साथ अपनी माता और पिता के जन्म की जगह और माता-पिता के आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी का विवरण देना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यूपीए सरकार के दौरान 2010 में लागू होने के बाद से एनपीआर कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु शांति का एक उद्यान है जहाँ सभी पंथ और जाति के लोग सामंजस्य में रहते थे। सरकार ने धर्मनिरपेक्षता के आधार पर काम किया और अल्पसंख्यक वर्गों की रक्षा करना जारी रखा। मैंने विधानसभा में भी यही कहा था। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक फायदे के लिए दुर्भावनापूर्ण इरादे से अफवाहें फैला रहे थे।












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