बीजेपी के प्रदर्शन के बाद तमिलनाडु सरकार ने वीक एंड पर मंदिर खोलने की दी इजाजत
चेन्नई, अक्टूबर 14: तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को राज्य में कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील देते हुए वीक एंड पर पूजा के लिए मंदिरों को खोलने का फैसला किया है। दरअसल वीक एंड पर मंदिरों को बंद रथने के फैसले का बीजेपी विरोध करती रही है। बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई ने भी मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को मंदिर बंद करने पर अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, अहम बैठक के बाद सीएम स्टालिन ने वीकेंड पर मंदिरों को खोलने की इजाजत दे दी।

भारतीय जनता पार्टी की मंदिर खोलने की मांग पर तमिलनाडु सरकार ने कहा कि वह सप्ताहांत पर मंदिरों को फिर से खोलने के लिए तैयार है लेकिन केंद्र सरकार से एक परिपत्र प्रदान किया जाना चाहिए जो इस महामारी की अवधि के दौरान एक स्थान पर विशाल सभा की अनुमति देता हो। वहीं आज तमिलनाडु सरकार ने ऐलान किया कि, 31 अक्टूबर तक ढील के साथ लॉकडाउन जारी। आज से रात 11 बजे तक सभी दुकानें, होटल खुल सकेंगे। सभी धार्मिक संगठन शुक्रवार, शनिवार, रविवार को काम कर सकते हैं; 1 नवंबर से खुलेंगे समुद्र तट; अंतिम संस्कार में 50 और शादियों में 100 लोगों की अनुमति होगी।
पिछले गुरुवार को, भाजपा ने राज्य सरकार से मंदिरों में सप्ताहांत की पूजा पर प्रतिबंध हटाने की मांग करते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्य सरकार सप्ताहांत पर मंदिरों में पूजा-अर्चना पर प्रतिबंध हटाए और चेतावनी दी कि यदि द्रमुक सरकार ने अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश की तो उसे लोगों का रोष झेलना पड़ेगा। अन्नामलाई ने कहा था कि सप्ताहांत पर मंदिर में दर्शन करने पर प्रतिबंध लगाकर राज्य सरकार श्रद्धालुओं पर अपनी विचारधारा थोपने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस जनित महामारी का बहाना बनाकर शुक्रवार से रविवार तक मंदिरों को बंद रखने का कोई तुक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सिनेमाघर खुले हैं और सरकार बच्चों के लिए पुनः स्कूल खोलने जा रही है जिनके लिए टीका भी नहीं आया है, तो ऐसे में मंदिरों पर प्रतिबंध लगाने का कोई मतलब नहीं है। अन्नामलाई ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया था कि वह कोविड-19 पर केंद्र के परामर्श को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा, नवरात्रि का उत्सव आज से शुरू हो गया लेकिन राज्य सरकार ने वायरस जनित महामारी के फैलने का बहाना बनाकर शुक्रवार से रविवार तक मंदिरों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस तर्क का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि प्रतिबंधों पर केंद्र सरकार का परिपत्र केवल एक परामर्श है।
जिसके बाद सत्तारूढ़ द्रमुक ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि वे पूरे सप्ताह मंदिर खुले रहें। महामारी का खतरा टल गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि तमिलनाडु ने बुधवार को 1,280 नए कोरोना संक्रमण के मामले आए, जिसके बाद राज्य में कोरोना के कुल मामले 26,82,137 हो गए। बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना से 19 लोगों की मौत हुई है। जिससे मरने वालों की संख्या 35,833 हो गई।












Click it and Unblock the Notifications