Tajinder Pal Singh Bagg: 10 मई तक मिली बग्गा को राहत, पंजाब-हरियाणा कोर्ट ने कहा- ना हो कोई दंडात्मक कार्रवाई
Tejinder Pal Singh Bagga: 10 मई तक मिली बग्गा को राहत, पंजाब-हरियाणा कोर्ट ने कहा- ना हो कोई दंडात्मक कार्रवाई
नई दिल्ली, 08 मई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा (Tajiner Pal Singh Bagga) को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पंजाब पुलिस (Punjab Police) को निर्देश दिए है कि वह 10 मई तक तजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना करे। यह आदेश हाई कोर्ट ने बग्गा के खिलाफ जारी हुए गिरफ्तारी वारंट की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है।
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दरअसल, मोहाली की एक अदालत ने शनिवार (07 मई) को भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। गिरफ्तार वारंट के खिलाफ तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने अपने वकील के साथ हाई कोर्ट पहुंचे और गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने की मांग की। बग्गा की याचिका पर शनिवार की देर शाम अदालत में सुनवाई हुई।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने जस्टिस अनूप चितकारा के आवास पर सुनवाई की अनुमति दी। जिसके बाद आधी रात को याचिका पर सुनवाई हुई और हाई कोर्ट से बग्गा को राहत मिल गई। बग्गा के वकील चेतन मित्तल ने बताया कि सुनवाई करीब 45 मिनट तक चली, जिसके बाद कोर्ट ने बग्गा की गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक लगा दी। इस मामले में अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
इस दौरान कोर्ट ने पंजाब पुलिस को साफ-साफ निर्देश दिए है कि बग्गा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना हो। वहीं, दूसरी तरफ एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिंह ने कहा कि पंजाब ने इस मामले को आधी रात में उठाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह इतना जरूरी नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्य याचिका इस साल 6 अप्रैल को दायर की गई थी और किसी ने भी याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने के लिए सीआरपीसी की धारा 438 के तहत एक आवेदन दायर करने से नहीं रोका, जो एक वैधानिक प्रावधान है। सिंह ने यह भी तर्क दिया कि गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन दायर करके और मामले की सुनवाई ऐसे समय में करने का अनुरोध करके, याचिकाकर्ता न्यायिक प्रणाली को कलंकित कर रहा है और इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।












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