15 अगस्त के बाद जेल में होंगे रिश्वतखोर कर्मचारी, मोदी सरकार चलाने वाली है ये डंडा
नई दिल्ली। देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने कमर कस ली है। जी हां मोदी सरकार भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ जल्द ही कुछ कड़े फैसले लेने का प्लान बना रही है। जानकारी के अनुसार इसके लिए सरकार ने सतर्कता विभाग को डोजियर बनाने के निर्देश दिये हैं। डोजियर बनने के बाद भ्रष्ट और अपने काम पर फोकस ना करने वाले अफसरों पर बड़ी कार्रवाई के उम्मीद जताई जा रही हैं।

जानिए इस प्लान के बारे में सबकुछ
- गृह मंत्रालय अपने विभाग के अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेज तैयार कर रहा है।
- मंत्रालयों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों ने विभिन्न विभागों सहित पैरा मिलिट्री फोर्स को भी यह लिखा है कि वे अपनी-अपनी लिस्ट 5 अगस्त तक किसी भी हाल में पूरी कर लें, ताकि आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके।
- भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित डोजियर शिकायत, जांच रिपोर्ट और अधिकारियों के आचरण, नैतिक विषमता, कर्तव्य की उपेक्षा पर आधारित होगी।
- समें इस बात का भी जिक्र होगा कि क्या उस अधिकारी के खिलाफ कभी बड़ा या मामूली जुर्माना लगाया गया था या नहीं।
- विभागों की भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बन जाने के बाद उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
- दस्तावेज पूरा होने के बाद, सीवीओ (मुख्य सतर्कता अधिकारी) और सतर्कता विभाग सूची में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों पर नजर रखेगा।
- उनके कार्यों और निर्णयों की जांच होगी कि क्या वे अपने आर्थिक लाभों के लिए सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले पदों पर पोस्ट नहीं किया जाए।
- भ्रष्ट अधिकारियों की सूची सीबीआई और सीवीसी को भी भेजी जाएगी, जो लिस्ट में शामिल अधिकारियों के आचरण की निगरानी रखेंगे।
- ये लोग इस तरह के अधिकारियों पर कड़ी नजर तो रखेंगे ही और साथ ही साथ उन पर मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
- सूत्रों के अनुसार एक बार दस्तावेज तैयार हो जाने के बाद इसके आधार पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई 15 अगस्त के बाद शुरू होगी।

भ्रष्ट अधिकारियों पर रहेगी नजर
Recommended Video

India China Stand Off पर Modi Government के कड़े रुख पर Tavleen Singh EXCLUSIVE | वनइंडिया हिंदी













Click it and Unblock the Notifications