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बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'स्किन से स्किन कॉन्टैक्ट' को नहीं माना यौन शोषण, रितेश देशमुख तापसी पन्नू ने जताई नाराजगी

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मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश (Bombay HC) में कहा है कि किसी नाबालिग के ब्रेस्ट को बिना 'स्किन टू स्किन' कॉन्टैक्ट के छूना POCSO एक्ट के तहत यौन शोषण(sexual assault) की श्रेणी में नहीं माना जाएगा। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu), शिबानी दांडेकर, रितेश देशमुख(Riteish Deshmukh) समेत कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं।

बॉलीवुड ने जाहिर की नाराजगी

बॉलीवुड ने जाहिर की नाराजगी

बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले पर बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने कहा, मैंने बहुत देर कोशिश की लेकिन अभी भी मेरे पास अभी भी ये समझाने के लिए शब्द नहीं है कि मैं इस वक्त कैसा महसूस कर रही हूं। इस मामले में उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि, अब समझ आया, हेप्पी नेशनल गर्ल चाइल्ड डे। इसके अलावा एक्टर रितेश देशमुख ने भी इस खबर पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा, प्लीज कह दो कि ये फेक न्यूज है।

    Bombay HC का बड़ा फैसला, Skin से Skin Contact नहीं, तो नहीं माना जाएगा यौन शोषण | वनइंडिया हिंदी
    रितेश देशमुख बोले- कह दो ये Fake है

    रितेश देशमुख बोले- कह दो ये Fake है

    इसे अलावा शिबानी दांडेकर ने भी इस फैसले पर अपनी निराशा व्यक्त की है। शिबानी ने इंस्ट्राग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए इस फैसले को एक महिला जज द्वारा सुनाई जाने पर निराशा व्यक्त की है। वहीं एक्टर रघु राम ने लिखा कि, इस दिन को हर साल 'ईव-टीज़र दिवस' के रूप में मनाया जाना चाहिए। कोर्ट के इस फैसले पर लगातार लोगों की ओर से नाराजगी भरे रिएक्शन आ रहे हैं।

    ये है मामला

    ये है मामला

    बता दें कि, मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच की जज पुष्पा गनेडीवाला ने अपने 19 जनवरी को पास किए गए आदेश में कहा है कि किसी भी छेड़छाड़ की घटना को यौन शोषण की श्रेणी में रखने के लिए घटना में 'यौन इरादे से किया गया स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट' होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि नाबालिग को ग्रोप करना यानी टटोलना, यौन शोषण की श्रेणी में नहीं आएगा। बता दें कि एक सेशन कोर्ट ने एक 39 साल के शख्स को 12 साल की बच्ची का यौन शोषण करने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसे गनेडीवाला संशोधित किया है।

    'सिर्फ जबरदस्ती छूना यौन हमला नहीं'

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    गनेडीवाला ने अपने आदेश में कहा है, जहां उसने बच्ची का ब्रेस्ट छुआ और उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि हालांकि, उसने बच्ची के कपड़े उतारे बगैर उसे छुआ था, तो इसे यौन शोषण नहीं माना जा सकता, बल्कि यह आईपीसी की धारा 354 के तहत एक महिला की शीलता भंग करने का मामला माना जाएगा।

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    English summary
    Taapsee Pannu and Riteish Deshmukh reactes to Bombay HC's 'skin to skin' verdict on sexual assault
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