CCTV फुटेज गायब, iPhone फॉर्मेट...कैसे बिभव कुमार ने पुलिस को किया गुमराह? बार-बार बदला फोन का लोकेशन
Swati Maliwal Bibhav Kumar: आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास में मारपीट के आरोप में दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीएस बिभव कुमार को मुख्यमंत्री आवास से 18 मई को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद से इस मामले के कई पहलू हैं, जो सुर्खियां बटोर रहे हैं।
बिभव कुमार पर IPC की धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या की कोशिश, हमला और एक महिला को निर्वस्त्र करने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग और आपराधिक धमकी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।

दिल्ली पुलिस ने कहा-CCTV फुटेज खाली है, iPhone फॉर्मेट कर दिया गया
बिभव कुमार को ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने 18 मई की देर रात पेश किया गया और पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि, हमने CCTV का DVR मांगा, वह पेन ड्राइव में दिया गया...लेकिन मारपीट के वक्त का पूरा फुटेज खाली पाया गया। पुलिस को iPhone दे दिया गया है, लेकिन अब आरोपी पासवर्ड नहीं बता रहा है। वहीं फोन को फॉर्मेट कर दिया गया है। आरोपी घटना के बाद से ही घटना स्थल पर मौजूद था हमने उसकी गिरफ्तारी वहीं से की है।
दिल्ली पुलिस के इन बयानों के बाद स्वाति मालीवाल ने भी कहा,
''पहले मुझे बेरहमी से बिभव ने पीटा। थप्पड़ और लातें मारी। जब मैंने खुद को छुड़ा के 112 कॉल किया, तो बाहर जाके सिक्योरिटी बुलाई और वीडियो बनाने लगा। मैं सिक्योरिटी को चीख चीख के बता रही थी की मुझे बहुत बेरहमी से बिभव ने पीटा है। वो पूरा लंबा हिस्सा वीडियो का एडिट कर दिया गया। सिर्फ 50 सेकंड रिलीज किए गए जब मैं सिक्योरिटी वालों को समझा समझा के खीज चुकी थी। अब फोन फॉर्मेट करके पूरी वीडियो डीलिट कर दी? CCTV की फुटेज भी गायब! साजिश की भी हद है।''
इन सभी आरोपों के बाद बिभव 13 मई को घटना के बाद कहां था, कैसे फोन फॉर्मेट किया गया, कैसे बिभव के फोन का लोकेशन बार-बार बदल रहा था...ये कई ऐसे सवाल हैं,....जो इस घटना के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं। आइए जानें इसकी इनसाइड स्टोरी?
बिभव कुमार ने कैसे किया पुलिस को गुमराह?
टाइम्स ऑफ इंडिया ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि, लखनऊ से लौटने के बाद यानी 16 मई से बिभव सीएम आवास पर ही थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिभव ने कथित तौर पर पुलिस को परेशान करने और ज्यादा समय मिल सके इसलिए अपना मोबाइल फोन किसी और को दे दिया था। यहां तक कि सीएम आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी स्थानीय पुलिस को बताया था कि उन्हें बिभन के सीएम आवास में मौजूदगी की जानकारी नहीं थी।

पुलिस ने खुद बिभव कुमार ने किया था संपर्क!
सूत्रों ने कहा कि बिभव कुमार ने शुक्रवार देर रात यानी 17 मई की रात लिस से संपर्क किया और गिरफ्तार नहीं होने पर खुद को पेश करने और जांच में सहयोग करने की बात की थी। पुलिस ने इसपर बैठक के लिए कहा और सीएम के आवास पर पहुंचे। पुलिस को तकनीकी निगरानी और आईपी एड्रेस से पता चला कि बिभव सीएम आवास में ही है।
सुबह लुधियाना और शाम को मुंबई में था बिभव के फोन का लोकेशन
इस दौरान, जिस व्यक्ति को बिभव को मोबाइल दिया गया था, उसने कथित तौर पर शुक्रवार (17 मई) की सुबह लुधियाना में इसे ऑन किया। शाम को लोकेशन मुंबई में मिली। इसकी वजह से पुलिस को बिभव का लोकेशन ट्रेस में बहुत दिक्कत आई और पुलिस बिभव के लोकेशन को लेकर भ्रमित रही।
राहत पाने की उम्मीद में बिभव ने पुलिस से संपर्क किया था लेकिन उसने अपनी लोकेशन बता दी। उन्हें सिविल लाइंस थाने लाया गया और शाम करीब सवा चार बजे आधिकारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। उनके वकील ने सुबह तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन जैसे ही पुलिस ने गिरफ्तारी की घोषणा की, याचिका खारिज की गई।

स्वाति मालीवाल के साथ हुई घटना वाली जगह ड्राइंग रूम का CCTV फुटेज कहां है?
पुलिस अब अपने कब्जे में लिए गए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पुलिस को बताया गया है कि सीएम आवास के ड्राइंग रूम, जहां कथित तौर पर घटना हुई, वहां सीसीटीवी कवरेज नहीं था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''जो फुटेज मिली है, वह ड्राइंग रूम की नहीं है...हम पहले पूरे फुटेज को देखकर घटना के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। अगर फुटेज हटा दिया गया है, तो हम इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजेंगे। अगर फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है पता चलने पर पुलिस मामले में सबूत मिटाने और संदिग्ध को पनाह देने की धारा भी जोड़ सकती है।

स्वाति मालीवाल की बढ़ाई गई सुरक्षा
इस बीच स्वाति मालीवाल को सुरक्षा कवर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें दो हाउस गार्ड के अलावा एक पीएसओ दिया गया है। यह कदम स्पेशल सेल द्वारा किए गए खतरे के आकलन के बाद उठाया गया है।
जबकि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। आप की मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहले AAP को कमजोर करने के लिए एक राजनीतिक साजिश रची है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वाति मालीवाल को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज एक अवैध भर्ती मामले में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ रहा है और भाजपा द्वारा उन्हें "ब्लैकमेल" किया जा रहा है।












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