स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: इंदौर 5वीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर, सूरत और विजयवाड़ा भी टॉप पर
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: इंदौर 5वीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर, सूरत और विजयवाड़ा भी टॉप पर
नई दिल्ली, 20 नवंबर: 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' अभियान के तहत राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद शनिवार को 342 शहरों को सम्मानित कर रहे हैं। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के द्वारा इंदौर (मध्य प्रदेश) को लगातार 5वीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। वहीं सूरत (गुजरात) देश का दूसरा और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) देश का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर बने। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को देश के दूसरे और तीसरे सबसे स्वच्छ शहर बनने पर सम्मानित किया है। वहीं वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे स्वच्छ गंगा शहर की कैटेगरी में वाराणसी (उत्तर प्रदेश) पहले स्थान पर है।

छत्तीसगढ़ बना देश का सबसे स्वच्छ राज्य
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया है। 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में स्वच्छ और कचरा मुक्त होने के लिए शहरों के नगर निगम को सम्मानित किया जा रहा है। 'स्वच्छ अमृत महोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा किया गया। जो दिल्ली विज्ञान भवन में हुआ।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में 4,320 शहरों ने लिया हिस्सा
इसके अलावा इस कार्यक्रम में 'सफाईमित्र सुरक्षा चुनौती' के तहत शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देकर स्वच्छता कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि भी दी गई है। बता दें कि ये मंत्रालय द्वारा सीवर और सेप्टिक टैंक की मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने और 'खतरनाक सफाई' को रोकने के लिए शुरू की गई एक पहल है। मंत्रालय ने कहा है कि 2016 में सिर्फ 73 प्रमुख शहरों ने इस सर्वेक्षण से हिस्सा लिया था लेकिन साल 2021 में इस सर्वेक्षण में 4,320 शहरों ने भाग लिया। ये स्वच्छ सर्वेक्षण का छठा संस्करण है, जो दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बन गया है।"

5 करोड़ से अधिक लोगों ने दी प्रतिक्रिया
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ''इस साल के सर्वेक्षण की सफलता का अनुमान आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस साल 5 करोड़ से अधिक लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। पिछले साल इस सर्वेक्षण के दौरान के 1.87 करोड़ लोगों ने प्रतिक्रिया दी थी।''
कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन में सुधार पर प्रकाश डालते हुए, मंत्रालय ने कहा कि छह राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने समग्र जमीनी स्तर में सुधार में 5 प्रतिशत से 25 फीसदी के बीच समग्र सुधार दिखाया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1,100 से अधिक शहरों में कचरे का स्रोत पृथक्करण शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा 1,800 शहरी स्थानीय निकायों ने सफाई कर्मचारियों को कल्याणकारी लाभ देना शुरू कर दिया है। वहीं1500 और शहरों ने गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक बैग के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध को अधिसूचित किया है, अब तक 3,000 शहर प्रशासन इसे लागू कर चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि सभी पूर्वोत्तर राज्यों ने अपने नागरिकों की प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है।












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