तेलंगाना चुनाव में टीडीपी की भागीदारी पर सस्पेंस बरकरार

तेलंगाना विधानसभा चुनाव में टीडीपी के चुनाव लड़ने को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है, क्योंकि पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू अभी भी जेल में हैं और नारा लोकेश और नायडू की पत्नी भुवनेश्वरी जैसे अन्य प्रमुख नेता आंध्र प्रदेश में अपने दौरों में व्यस्त हैं।

हालांकि पार्टी के राज्य इकाई के नेताओं ने उन रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि टीडीपी आगामी चुनावों में उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन सवाल यह है कि उम्मीदवारों को अंतिम रूप कौन देगा, चुनाव रणनीतियां तैयार कौन करेगा और तेलंगाना में नेताओं का मार्गदर्शन कौन करेगा?

Suspense continues on TDPs participation in Telangana assembly elections

लोकेश नारा अपनी भविष्यत्तुकु गारंटी यात्रा फिर से शुरू कर रहे हैं और भुवनेश्वरी भी चंद्रबाबू नायडू के लिए समर्थन जुटाने के लिए आंध्र का दौरा कर रही हैं। जिसके चलते पार्टी के प्रमुख नेताओं को तेलंगाना के लिए समय नहीं मिल पा रहा है।

बीजेपी में पनप रहा असंतोष
बीजेपी द्वारा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद भगवा पार्टी में असंतोष पैदा हो गया है। निर्मल और आदिलाबाद जिलों के स्थानीय नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। भाजपा सांसद बंदी संजय के समर्थक रमाकांत राव ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया। क्योंकि भगवा पार्टी ने रानी रुद्रमा को सिरसिला से टिकट आवंटित किया था।

भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी इस सूची से नाखुश हैं। सत्तारूढ़ बीआरएस कांग्रेस और भाजपा दोनों के रुझानों पर नजर रख रही है और कुछ महत्वपूर्ण नेताओं को गुलाबी पार्टी में लुभाने की कोशिश कर रही है।

वहीं दूसरी ओर आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य भर में अधिकारियों द्वारा सैकड़ों करोड़ रुपये की बेहिसाब धनराशि और भारी मात्रा में सोना जब्त किया गया है। लेकिन, यक्ष प्रश्न यह है कि क्या जब्त की गई सारी नकदी और सोना सीधे चुनाव से संबंधित है? ईसीआई को लिखे पत्र में टीपीसीसी के उपाध्यक्ष जी निरंजन ने कहा कि तलाशी के नाम पर जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

निरंजन ने बताया कि कोंडापुर का एक व्यापारी, एक सप्ताह की छुट्टी पर जाने वाला था। जिसके चलते अपने सोने के आभूषणों को अपने लॉकर में जमा करने के लिए एक बैंक गया। बैंक में सादे कपड़ों में मौजूद 'पुलिस' ने उसे रोका और आभूषण जब्त कर लिए। उन्होंने उसे एक रसीद पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जिसमें लिखा था कि जब्ती पास के चेकपोस्ट पर की गई थी।

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