IAS Abhishek Prakash: कौन हैं IAS अभिषेक प्रकाश, करीबी के घर ED ने दी दबिश? कुछ महीने पहले हो गए थे सस्पेंड
IAS Abhishek Prakash: भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक समय तेज-तर्रार और भरोसेमंद अफसर माने जाने वाले IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश आज कई जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। IIT से पढ़ाई करने वाले और यूपी के कई जिलों में जिलाधिकारी रह चुके अभिषेक प्रकाश पर अब सोलर प्रोजेक्ट में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी कंपनी से प्रोजेक्ट पास कराने के लिए 5% कमीशन की मांग की थी, और यह काम उन्होंने अपने करीबी निकांत जैन के जरिए करवाया।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई, जिसके बाद IAS अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया। अब जब ED ने उनके सहयोगी निकांत जैन के ठिकानों पर छापा मारा है, तो साफ हो गया है कि यह मामला सिर्फ एक रिश्वतखोरी का नहीं, बल्कि एक गहरे नेटवर्क की परतें खोल सकता है। उनके करीबी निकांत जैन के ठिकानों पर ED यहां यह कार्रवाई सोलर प्रोजेक्ट से जुड़ी घूसखोरी की शिकायतों के बाद की है। अधिकारी की छवि, सत्ता से नजदीकी और अब बढ़ती जांच-ये सभी बातें इस पूरे मामले को और भी पेचीदा और अहम बना देती हैं।

कौन हैं अभिषेक प्रकाश?
अभिषेक प्रकाश 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे यूपी में कई बड़े पदों पर काम कर चुके हैं, जिनमें लखनऊ और अलीगढ़ जैसे जिलों के जिलाधिकारी से लेकर 'Invest UP' के CEO तक की जिम्मेदारी शामिल रही है। वे IIT से पढ़े हुए अधिकारी हैं और उन्हें एक समय सरकार का भरोसेमंद अफसर माना जाता था।
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सोलर प्रोजेक्ट में रिश्वत की मांग का आरोप
यह पूरा मामला SAEL सोलर कंपनी से जुड़ा है, जिसमें कंपनी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी थी कि अभिषेक प्रकाश की ओर से 5% कमीशन मांगा गया। इस काम के लिए उनके कथित करीबी निकांत जैन को मध्यस्थ बनाया गया था। बाद में निकांत जैन को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें इस घोटाले में मुख्य आरोपी बताया गया।
अब तक पांच जांच जारी
अभिषेक प्रकाश पर अब तक कुल पांच जांचें चल रही हैं। इनमें दो विभागीय जांच, एक पुलिस जांच, एक सतर्कता जांच (विजिलेंस) और एक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच शामिल है। यूपी सरकार ने उन पर 'All India Services Conduct Rules' के तहत चार्जशीट भी जारी कर दी है।
ED की छापेमारी में बढ़ी हलचल
अब जब ED ने निकांत जैन के ठिकानों पर छापा मारा है, तो माना जा रहा है कि जांच अब और तेज हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, ED को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर कर सकते हैं।
भूमि अधिग्रहण में भी गड़बड़ी के आरोप
सोलर घोटाले के अलावा अभिषेक प्रकाश पर डिफेंस कॉरिडोर के लिए की गई जमीन की खरीद-फरोख्त में अनियमितता के आरोप भी लगे हैं। जांच एजेंसियां इन सभी मामलों को जोड़कर देख रही हैं।
एक समय टॉप परफॉर्मिंग अधिकारी माने जाने वाले अभिषेक प्रकाश आज भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे हुए हैं। अब देखना होगा कि जांच आगे क्या मोड़ लेती है और न्याय प्रक्रिया क्या निष्कर्ष निकालती है।
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