शिंदे बोले- कांग्रेस के भीतर संवाद-चर्चा की परंपरा खत्म, संजय राउत ने भी दी नसीहत
नई दिल्ली, 01 जुलाई। कांग्रेस पार्टी पिछले साल में लगातार एक के बाद एक दो लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देख चुकी है। पार्टी के भीतर से समय-समय पर वरिष्ठ नेता आवाज उठाते रहते हैं कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। इस बार पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार सिंदे ने पार्टी की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़ा किया है। सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि पार्टी के भीतर बातचीत, संवाद और बहर की परंपरा खत्म हो चुकी है, पार्टी को इस समय आत्मचिंतन बैठक करने की जरूरत है।
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गलतियों को ठीक करने की जरूरत
पुणे के इंदपुर स्थिति एक कार्यक्रम में बोलते हुए शिंदे ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां गलत हो सकती हैं, जिन्हें सही करने के लिए आत्म चिंतन बैठक करने की जरूरत है। आज कांग्रेस के भीतर संवाद और बातचीत की परंपरा खत्म हो चुकी है। मुझे इसको लेकर दुख होता है। आत्मचिंतन बैठक की जरूरत है, हमारी नीतियां गलत हो सकती हैं, लेकिन उन्हें ठीक करने के लिए इस तरह की बैठकों की जरूरत है।
संजय राउत ने भी दे डाली नसीहत
सुशील शिंदे के इस बयान के बाद शिवसेना के नेता और सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर सुशील कुमार शिंदो ने कुछ कहा है तो पार्टी को मसले पर चर्चा करनी चाहिए, वह पार्टी की शीर्ष और वरिष्ठ नेता में से एक हैं, उन्होंने पार्टी के लिए काफी कुछ किया है। गौर करने वाली बात यह है कि सुशील कुमार शिंदे पहले नेता नहीं हैं जिन्होंने पार्टी के भीतर संवाद हीनता का सवाल खड़ा किया है।
पहले भी वरिष्ठ नेता उठा चुके हैं आवाज
इससे पहले पिछले साल भी इसी तरह की आवाज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उठाई थी। पिछले साल अगस्त माह में पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं ने एक पत्र लिखा था, जिसमे कपिल सिब्बल, शशि थरूर, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। इन नेताओं ने पार्टी की अंतरिम चीफ सोनिया गांधी को पत्र लिखा था और तत्काल संगठनात्मक सुधार की वकालत की थी। इन नेताओं में हरियाणा कांग्रेस के पूर्व मुखिया भूपिंदर सिंह हुडा, कांग्रेस नेता राज बब्बर, विवेक तनखा, मनीष तिवारी के नाम शामिल थे।












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