श्रीमती जी की बदौलत औरतों को लेकर सेंसटिव हुए सुरेश प्रभु
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के रेल बजट की हो सकता है कि कुछ लोग खिंचाई करें पर उन्होंने एक बात साफ कर दी कि वे औरतों को लेकर सेंसटिव हैं। रेलगाडियों से यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कई कदम उठाए हैं ताकि औरतें सुरक्षित भाव से रेल सफर कर सकें।

इसके साथ ही उन्होंने गर्भवती औरतों को नीचे की बर्थ में जगह आरक्षित करने की भी बात कही। जाहिर है कि इससे गर्भवती महिला का सफर आसान होगा। एक बात और। उन्होंने देश के 600 से अधिक स्टेशनों में शौचालयों की व्यवस्था बेहतर करने का भी बात कही। इससे औरतों को राहत मिलेगी। कहने की जरूरत नहीं है कि देश के छोटे शहरों के रेलवे स्टेशनों में शौचालयों की हालत बेहद खराब है।
पत्नी की सलाह
जानकारों का कहना है कि रेल बजट में औरतों से जुड़ी लाने का श्रेय सुरेश प्रभु की पत्रकार पत्नी उमा प्रभु को जाता है।
ठोस पहल जारी
दरअसल औरतों का रेलों में सफर सुरक्षित करने की बाबत बीते कई सालों से ठोस पहल हो रही है। वर्ष 2013-14 के लिए पेश बजट में रेल यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा बढाने के लिए रेलवे ने पहले ही महिला आरपीएफ की चार कंपनियां तैनात की। अब महानगरों में चलने वाली महिला स्पेशल रेलों में महिला आरपीएफ कर्मी तैनात रहती हैं। इसके साथ ही सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर विभिन्न जोनल रेलवे में उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय वारदात की सूचना तुरंत दी जा सके।












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