SC verdict on Demonetisation: नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर SC कोर्ट का फैसला आज
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद आज कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

SC verdict on Demonetisation: सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच आज नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। नोटबंदी के खिलाफ तकरीबन तीन दर्जन याचिकाएं दायर की गई थीं, इसपर आज सुप्रीम कोर्ट की बेंच अपना फैसला सुनाएगी। बता दें कि सराकर ने 2016 में 500 और 1000 रुपए को बंद करने का ऐलान किया था। इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने 7 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में सरकार और याचिकाकर्ताओं ने अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नोटबंदी का फैसला असंवैधानिक और गैरकानूनी था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट के नियमों का इसमे पालन नहीं किया गया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट सर्दी की छुट्टियों के चलते बंद थी,जिसके बाद आज एक बार फिर से कोर्ट खुलने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की केस लिस्ट में कहा गया है कि नोटबंदी को लेकर जस्टिस बीआर गवई की बेंच अपना फैसला सुनाएगी, माना जा रहा है कि फैसला एकमत होगा। पांच जजों की बेंच में जस्टिस एस अब्दुल नजीर, एएस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम, बीवी नागरत्ना शामिल हैं। कोर्ट ने इस मामले में अपनी सुनवाई को पूरा कर लिया है। क्या नोटबंदी के फैसले में आरबीआई एक्ट का पालन किया गया, इसपर कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को सुना। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के फैसले के बाद देशभर के लोगों को 500 और 1000 की नोट को बैंक में जमा करने को कहा गया था।
केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला आरबीआई एक्ट 1934 के सेक्शन 26(2) के तहत लिया था। जिसके तहत सरकार ने अतिरिक्त शक्तियां प्रदान की गई हैं कि वह किसी नोट सीरीज को बंद कर सकती है। आरबीआई ने 30 दिसंबर 2016 तक लोगों को 500 और 1000 की नोटों को बदलने का विकल्प दिया था। लेकिन सरकार के इस फैसले के खिलाफ तकरीबन तीन दर्जन याचिकाएं दायर की गई थीं, इसमे वो लोग भी थे जो अपनी नोटों को तय समय में जमा नहीं कर पाए थे।












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