सुप्रीम कोर्ट ने अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय में किया ट्रांसफर
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट का विचार रखना उचित है।
नई दिल्ली, 19 जुलाई : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट का विचार रखना उचित है, जो पहले से ही इस योजना पर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

अपनी याचिकाओं को दिल्ली ट्रांसफर करवा सकते हैं
शीर्ष अदालत ने आगे निर्देश दिया है कि केरल, पटना, पंजाब और हरियाणा और उत्तराखंड के उच्च न्यायालयों में लंबित योजना को चुनौती देने वाली सभी समान याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष हस्तक्षेप आवेदन के रूप में दायर किया जा सकता है या याचिकाकर्ता अपनी याचिकाओं को दिल्ली ट्रांसफर करवा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि उच्च न्यायालयों में इस योजना पर दायर की जाने वाली कोई भी नई याचिका भी इस प्रक्रिया का पालन करेगी।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर शुरू से बवाल मचा है। योजना के लॉन्च के बाद से ही विरोध हो रहा है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर किए गए थे। इस बीच सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जुलाई को अग्निपथ भर्ती योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने की बात कही थी।

शीर्ष अदालत के समक्ष विभिन्न याचिकाएं दायर की गई थीं
अग्निपथ भर्ती योजना को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत के समक्ष विभिन्न याचिकाएं दायर की गई थीं। वहीं, केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट अर्जी दाखिल कर अग्निपथ भर्ती योजना को चुनौती देने वाली शीर्ष अदालत के समक्ष दायर याचिकाओं पर सरकार से सुनवाई करने का आग्रह किया था।

युवाओं को सेना में भर्ती होने का मौका
बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (14 जून) को अग्निपथ योजना की घोषणा की। अग्निपथ स्कीम के तहत देश के युवाओं को सेना में भर्ती होने का मौका मिलेगा।

कहे जाएंगे अग्निवीर
इस योजना के तहत चुने गए युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। अग्निपथ देशभक्त और प्रेरित युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने की अनुमति देगा।
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