Lakhimpur Kheri Case: आशीष मिश्रा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जमानत शर्तों के उल्लंघन पर जानें क्या कहा?

Supreme Court On Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा टेनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्र के अंतरिम जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन को साबित करने के लिए सामग्री दाखिल करने के लिए कहा है।

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आशीष मिश्रा शारीरिक रूप से अलग अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, तो यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन है।

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को दी गई अंतरिम जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन को साबित करने के लिए सामग्री दाखिल करने को कहा। बता दें कि अक्टूबर 2021 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारी किसानों को कुचलने से संबंधित मामले में मुख्य आशीष आरोपियों में से एक हैं।

राजनीतिक कार्यक्रमों में हो रहे शामिल

केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ने कथित तौर पर यूपी में एक कार्यक्रम में तिपहिया साइकिलें वितरित की, जबकि अदालत ने उन्हें केवल मुकदमे की कार्यवाही में भाग लेने के लिए राज्य में प्रवेश करने की अनुमति दी थी। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही अदालत ने जनवरी 2023 में उनको अंतरिम जमानत दी थी। जिसे समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।

जस्टिस सूर्यकांत और पीएस नरसिम्हा की बेंच ने कहा कि अगर आशीष मिश्र शारीरिक रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए, तो यह जमानत आदेश का उल्लंघन है, जबकि किसानों के परिवारों की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण को संबंधित सामग्री दाखिल करने की अनुमति दी गई।

कोर्ट में दिया एक वीडियो का हवाला

वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कार्यक्रम में कथित तौर पर आशीष मिश्रा की उपस्थिति दिखाने वाले एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा, "मैं इस संबंध में एक हलफनामा दायर करूंगा और दिखाऊंगा कि इस अदालत के आदेश का कैसे उल्लंघन किया जा रहा है।"

हालांकि बेंच ने कोई आदेश पारित नहीं किया लेकिन मौखिक रूप से वकील प्रशांत भूषण से कहा कि वह अपना हलफनामा दायर कर सकते हैं। इधर, आशीष मिश्रा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उनका मुवक्किल इतना मूर्ख नहीं हो सकता कि वह इस तरह से जमानत शर्तों उल्लंघन करें। उन्होंने भूषण के वीडियो साक्ष्य के दावे का जिक्र किया और कहा, "बार में जो कहा गया है और कागज पर जो कहा गया है, उसके बीच बहुत बड़ा अंतर है।"

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