सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वायु गुणवत्ता आयोग निर्माण संबंधी और औद्योगिक प्रतिबंध को हटाने पर निर्णय करे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र के वायु गुणवत्ता आयोग से कहा कि वह राजधानी में उद्योगों, निर्माण और कारखानों सहित प्रदूषण स्रोतों पर अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने पर निर्णय करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय लेते हुए कहा कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार होना शुरू हो गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली एक विशेष पीठ ने पैनल से एक सप्ताह के भीतर इस मुद्दे पर गौर करने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमन्ना की अध्यक्षता वाली और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि हम आयोग को अलग-अलग उद्योगों और संगठनों के अनुरोधों की जांच करने का निर्देश देते हैं कि हमारे आदेशों के आधार पर या अन्यथा उनके परिपत्रों के मुताबिक शर्तों में ढील दी जाए। पीठ ने आगे कहा कि आयोग अलग-अलग राज्य सरकारों के सुझाव से इन मामलों को एक सप्ताह के भीतर देखेगा।
इस निर्देश के साथ, शीर्ष अदालत ने बिल्डर्स फोरम, चीनी उद्योग के संचालकों, चावल और पेपर मिल आदि द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदनों का भी निपटारा किया, पीठ ने उन्हें अपनी शिकायतों के साथ आयोग से संपर्क करने के लिए कहा।
राईस मैनूफेकचर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि उन्होंने दिसंबर के पहले सप्ताह में छूट की मांग करते हुए एक अभ्यावेदन दिया था, लेकिन आयोग ने अभी तक इस पर फैसला नहीं किया है। पीठ ने जवाब दिया कि अब तक ढील देने का सवाल ही नहीं था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम सब दिल्ली में हैं, हम सभी को स्थिति पता है, अभी इसमें सुधार होना शुरू हो गया है।












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