नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, केंद्र और RBI से मांगे दस्तावेज

नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से 10 दिसंबर तक लिखित दलीलें जमा कराने को कहा। इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र और आरबीआई से कुछ दस्तावेज भी मांगे हैं।

Supreme court

नोटबंदी के खिलाफ दायर 58 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आपको बता दें कि इन याचिकाओं में नोटबंदी के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिस पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया। साथ ही अदालत ने सभी पक्षों से 10 दिसंबर तक लिखित दलीलें जमा कराने को कहा। इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र और आरबीआई से इस फैसले की प्रकिया से जुड़े दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अब्दुल नज़ीर की अध्यक्षता वाली संविधान बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है। केंद्र के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली दलीलों के एक समूह पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस एसए नज़ीर की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, आरबीआई के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम और श्याम सहित याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनीं।

आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और आरबीआई को झाड़ा था। अदालत ने आरबीआई बोर्ड के उन सदस्यों का ब्यौरा जानने के लिए भी कहा जिन्होंने नोटबंदी की सिफारिश की थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम चुपचाप नहीं बैठ सकते, क्योंकि यह सिर्फ एक आर्थिक नीति है। कोर्ट ने इस दौरान कहा कि आर्थिक नीति के मामलों की न्यायिक समीक्षा समिति के दायरे का अर्थ यह नहीं है कि अदालत चुपचाप बैठी रहे, बल्कि अदालत का काम यह है कि सरकार के फैसलों पर भी गौर किया जाए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+