सुशांत केस CBI को सौंपे जाने पर खुश हुए शरद पवार के पोते पार्थ,कहा- 'सत्यमेव जयते'

नई दिल्ली। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच CBI ही करेगी, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सुशांत के परिवार वालों ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देते हुए उम्मीद की है कि अब एक्टर की मौत का सच सबके सामने आएगा तो वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ने वकील ने कहा कि हम इस फैसले को चुनौती देंगे, वकील की ओर से कहा गया कि वो रिव्यू पीटिशन दायर करेंगे।

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    शरद पवार के पोते पार्थ ने SC के फैसले पर जताई खुशी

    शरद पवार के पोते पार्थ ने SC के फैसले पर जताई खुशी

    फिलहाल सुशांत केस की जांच सीबीआई की ओर से कराए जाने की खबर सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने खुशी जताई है, जिसमें एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के पोते और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार ने भी खुशी जताते हुए Tweet किया-, 'सत्यमेव जयते!'।

    एनसीपी और शिवसेना के निशाने पर पार्थ

    एनसीपी और शिवसेना के निशाने पर पार्थ

    मालूम हो कि पार्थ पवार लगातार सुशांत केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे, उन्होंने पार्टी लाइन से अलग होकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख को इसके लिए पत्र भी लिखा था और इस वजह से वो शिवसेना के लोगों के निशाने पर भी थे।

    दादा शरद पवार ने पार्थ को बताया 'अपरिपक्व'

    दादा शरद पवार ने पार्थ को बताया 'अपरिपक्व'

    यही नहीं पार्थ के इस मांग पर शरद पवार भी खुश नजर नहीं आए थे, उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन्हें 'अपरिपक्व' कह डाला था, जिसके बाद खबर आई थी पार्थ को लेकर एनसीपी और पवार के घर में क्लेश उत्पन्न हो गया है, फिलहाल आज एक बार फिर से पार्थ ने सुशांत केस पर प्रतिक्रिया दी है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि पवार अब क्या रिएक्शन देते हैं।

    'ये अन्याय के विरुद्ध न्याय की जीत है'

    'ये अन्याय के विरुद्ध न्याय की जीत है'

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। ये अन्याय के विरुद्ध न्याय की जीत है। यह 130 करोड़ लोगों की भावनाओं की जीत है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट के लिए और भी सम्मान बढ़ेगा। अब लोगों को उम्मीद जगी है कि सुशांत सिंह राजपूत केस में निश्चित रूप से न्याय होगा। हम लोगों पर आरोप लगाए जा रहे थे कि आपने क्यों केस किया।

    आईपीएस अफसर को कैदी की तरह क्वारंटीन कर दिया गया

    हमने अपने आईपीएस अफसर को भेजा तो उसे कैदी की तरह रात 12 बजे क्वारंटीन कर दिया गया। उसी से लग रहा था कि कुछ ना कुछ गड़बड़ है। हमने जो भी काम किया वह कानूनी और संवैधानिक रूप से सही किया। सुप्रीम कोर्ट ने इसपर मुहर लगा दी है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे धीरज के साथ इंतजार करें।

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