डॉक्यूमेंट्री विवाद: भारत में नहीं लगेगा बीबीसी पर बैन, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
बीबीसी को बैन करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। इसे हिंदू सेना की ओर से दायर किया गया था।

पिछले कई दिनों से बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' को लेकर विवाद जारी है। मोदी सरकार ने कई सोशल नेटवर्किंग साइटों से इसके प्रसारण को हटवाया था। इसके बाद लोग भारत में बीबीसी को बैन करने की मांग करने लगे। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफतौर पर कहा कि बीबीसी पर बैन नहीं लगेगा।
दरअसल इस याचिका को हिंदू सेना ने दायर किया था। उन्होंने याचिका में भारत में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) को बैन करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीबीसी एक विदेशी कंपनी है, जो भारत की एकता और अखंडता को तोड़ने की साजिश रच रही। इसकी जांच एनआईए से करवाई जानी चाहिए। हिंदू सेना का आरोप था कि बीबीसी पीएम मोदी को बदनाम करने की साजिश रच रहा, ऐसे में कोर्ट उस पर बैन लगाए, क्योंकि उसके पास अधिकार हैं। इस याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा था।
वहीं शुक्रवार की सुनवाई में पेश याचिकाकर्ता के वकील पिंकी आनंद ने कहा कि बीबीसी भारत के खिलाफ अभियान चला रहा। इसे बैन किया जाना चाहिए। जिस पर जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि इस केस में मेरिट नहीं है। ऐसे में वो इसको खारिज करते हैं।
बैन के आदेश पर होगी सुनवाई
वहीं केंद्र सरकार ने कई जगहों से इस डॉक्यूमेंट्री को बैन किया था। जिसको लेकर कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। इस याचिका पर कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि सरकार बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने के अपने फैसले से संबंधित मूल रिकॉर्ड पेश करे। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की ओर से मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना कैंपस में बीबीसी डॉक्युमेंट्री के स्क्रीनिंग की मांग की गई है।












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