शाम 5 बजे तक मणिपुर के एक्टिविस्ट को SC ने दिया जेल से आजाद करने का आदेश
नई दिल्ली, 19 जुलाई। मणिपुर के एक्टिविस्ट लीजोबम एरेन्ड्रो को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने लीचोबम को तत्काल प्रभाव से रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें एक भी दिन के लिए जेल के भीतर नहीं रखा जा सकता है, उन्हें गिरफ्तार किया जाना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है जिसमे जीने का मौलिक अधिकार लोगों को प्राप्त है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि आज शाम 5 बजे तक लीचोबम को 1000 रुपए के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए। लीचोबम पर आरोप था कि उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी, जिसमे कहा था कि कोरोना का इलाज गोबर और गोमूत्र से नहीं होगा, जिसके बाद उनके खिलाफ एनएसए के तहत केस दर्ज किया गया था।
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इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से और समय दिए जाने की मांग की, वह चाहते थे कि मामले की सुनवाई कल तक के लिए टल जाए लेकिन जज ने एक्टिविस्ट लीचोबम को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की बेंच ने कहा कि हमारा मानना है कि लगातार हिरासत में याचिकाकर्ता के मौलिक जीवन के अधिकार का हनन होगा, लिहाजा हम निर्देश देते हैं कि शाम पांच बजे तक 1000 रुपए के निजि मुचलके पर याचिकाकर्ता को रिहा किया जाए। बता दें कि इस मामले में लीचोबम की रिहाई को लेकर उनके पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बता दें कि लीचोबम के अलावा पत्रकार किशोरचंद्र वैंगकेम को तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष तिकेंद्र सिंह की हत्या के बाद गिरफ्तार किया गया था। मणिपुर भाजपा के उपाध्यक्ष उशण देबान और महासचिव पी प्रेमनंद मीती ने दोनों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट शेयर करने का आरोप लगाया था। इससे पहले जून 2020 में भी लीचोबम पर देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई थी।












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