आधार (Aadhaar) पर SC: इन सेवाओं के लिए आधार से लिंक करना जरूरी

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    Aadhaar Card अब कहां हुआ जरुरी और कहां नहीं, ये है Supreme Court का आदेश । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (26 सितंबर 2018) को आधार की अनिवार्यता पर फैसला सुनाते हुए कई बड़े फैसला लिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि आधार सुरक्षित तो है, लेकिन इसको कानून के रूप बनाकर थोपना गलत है। कोर्ट ने कई जगहों पर आधार की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है, लेकिन पैन (PAN) और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए इसको जरूरी माना है। जस्टिस सीकरी, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एम खानविलकर की तरफ से फैसला सुनाया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा अगले सप्ताह रिटायर्ड हो रहे हैं, इससे पहले उन्हें कई निर्णय लेने हैं।

    पैन के लिए आधार जरूरी

    पैन के लिए आधार जरूरी

    सुप्रीम कोर्ट ने आज स्पष्ट कर दिया है कि पैन कार्ड को आधार से लिंक करना जरूर ही है। सुप्रीम कोर्ट ने PAN के लिए आधार की अनिवार्यता को बरकरार रखा है, यानी बैंक खातों के लिए अब आधार देना जरूरी नहीं होगा। बता दें कि 1 जुलाई से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने और नया पैन कार्ड बनवाने के लिए भी आधार जरूरी माना था, जिससे कोर्ट ने सभी सही ठहराया है।

    इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आधार अनिवार्य

    इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आधार अनिवार्य

    पैन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स रिटर्न के लिए भी आधार की अनिवार्यता को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में आधार को अनिवार्य रखने के लिए कहा है। इसी साल सरकार ने पैन के साथ-साथ सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आधार की अनिवार्यता को जरूरी माना था।

    आधार डेटा प्रोटेक्शन के अधिकारों का उल्लंघन करता है

    आधार डेटा प्रोटेक्शन के अधिकारों का उल्लंघन करता है

    सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, आधार निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है क्योंकि इससे संभवतः व्यक्तियों और मतदाताओं की प्रोफाइलिंग हो सकती है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि आधार प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन के अधिकारों का उल्लंघन करता है, ये पूरी तरह असंवैधानिक है। चंद्रचूड़ ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा के यूनीक नेचर के साथ समझौता हुआ है और इससे हमेशा समझौता होता रहेगा। आधार एक्ट के कई प्रावधान के तहत बड़े पैमाने पर बायोमीट्रिक डाटा जमा होता है, लेकिन यह पता नहीं चल पाता है कि उन बायोमीट्रिक डेटा का क्या होता है।

    कांग्रेस गदगद

    कांग्रेस गदगद

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस काफी गदगद है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा , 'सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से निजता के अधिकार को बरकरार रखा है। मोदी सरकार की कठोर धारा 57 निरस्त हुई।' चंद्रचूड़ ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा के यूनीक नेचर के साथ समझौता हुआ है और इससे हमेशा समझौता होता रहेगा। कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले बीजेपी के मुंह पर तमाचा है। वहीं, बीजेपी लीडर सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा, 'मैं आधार पर आए फैसले से खुश हूं। इसे वहीं अनिवार्य बनाना चाहिए जहां इसकी जरूरत है। वहीं आधार एक्ट के कई प्रावधान के तहत बड़े पैमाने पर बायोमीट्रिक डाटा जमा होता है, लेकिन यह पता नहीं चल पाता है कि उन बायोमीट्रिक डेटा का क्या होता है।

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