हाईकोर्ट के आजम खान की बेल पर फैसला ना सुनाने से SC खफा, कहा- ये न्याय का मजाक उड़ाने जैसा
नई दिल्ली, 6 मई: उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खान की जमानत पर बार-बार फैसला रिजर्व रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से सख्त नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जमीन हड़पने के मामले में आजम खान की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई में हो रही देरी पर कहा कि यह न्याय का मजाक उड़ाने जैसा है।
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जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने कहा कि आजम खान के खिलाफ जो 87 मामले चल रहे हैं, उनमें से 86 मामलों में जमानत मिल गई है। एक मामले में जमानत पर बीते 137 दिन से फैसला रिजर्व है। इतने दिन तक फैसला नहीं आना तो न्याय का मखौल उड़ाना है। पीठ ने ये भी कहा कि अगर हाईकोर्ट फैसला नहीं करता तो हम इस मामले में दखल देंगे। सुप्रीम कोर्ट अब 11 मई को इस मामले की अगली सुनवाई करेगा।
उत्तर प्रदेश के सबसे सीनियर राजनेताओं में शुमार आजम खान फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं। उनकी जमानत की अर्जी पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और करीब साढ़े चार महीने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा हुआ है। आजम खां की जमानत याचिका पर गुरुवार को ही सुनवाई हुई थी। गुरुवार को बहस सुनने के बाद जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुप्रीम कोर्ट में दी गई है याचिका
आजम खान की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमानत याचिका पर लंबे समय से फैसला नहीं सुनाने को लेकर मामले में हस्ताक्षेप करने की दरख्वास्त की गई है।आजम खान के वकील ने याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2021 में उनकी जमानत याचिका पर फैसला रिजर्व कर लिया था। बाद में यूपी सरकार की ओर से कुछ नए तथ्य पेश करने की अर्जी दी तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर दोबारा सुनवाई की लेकिन फिर से फैसला सुरक्षित कर लिया गया।












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