NTA को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, परीक्षा प्रणाली दुरुस्त कीजिए, भविष्य में ना हो ये गड़बड़ी
सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को फटकार लगाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिया है कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को ठीक करे।
कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिया है कि वह परीक्षाओं की विसंगति को दूर करे और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी से बचें। गौर करने वाली बात है कि 5 मई को नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा के परिणाम एक महीने बाद घोषित हुए थे, जिसमे कई गड़बड़ियां सामने आई थीं।

इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भावी चिकित्सा पेशेवरों के लिए एक राष्ट्रीय परीक्षा में इस तरह की विसंगतियां छात्रों के लिए फायदेमंद नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा के साथ एनटीए द्वारा परीक्षा के संचालन के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये विसंगतियां देश भर के छात्रों के हितों को कमजोर करती हैं। न्यायालय ने परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन पर जोर दिया।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पूर्व इसरो प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में केंद्र द्वारा नियुक्त पैनल के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया। इस पैनल को एनटीए के कामकाज की समीक्षा करने और आवश्यक परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है।
अदालत ने निर्देश दिया कि यह समिति 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जिसमें परीक्षा प्रणाली के भीतर मुद्दों को सुधारने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने पेपर लीक की चिंताओं के बावजूद NEET-UG 2024 परीक्षा को रद्द नहीं किया। अदालत ने परीक्षा की अखंडता का कोई व्यवस्थित उल्लंघन नहीं पाया।
इस बीच नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के सचिव बी श्रीनिवास के अनुसार, NEET UG के लिए काउंसलिंग 14 अगस्त से शुरू होने वाली है। श्रीनिवास ने बताया कि पंजीकरण पहले से शुरू हो सकता है और दो महीने तक चलेगा। उन्होंने कहा प्रक्रिया चार राउंड में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीटें मेरिट और छात्र की पसंद के आधार पर आवंटित की जाएंगी।












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