Article 35A पर सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के लिए सुनवाई टाली
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को मिले विशेषाधिकार अनुच्छेद 35ए पर सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली अहम सुनवाई टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में तीन महीने के बाद सुनवाई होगी। तीन जजों की एक विशेष बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। इस बेंच में प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा भी शामिल हैं। फिलहाल सर्वोच्च अदालत ने मामले पर सुनवाई तीन महीने के लिए टाल दिया है।

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मामला
अनुच्छेद 35A जम्मू-कश्मीर की विधान सभा को स्थाई नागरिक की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है, जिसे कि राज्य में 14 मई 1954 को लागू किया गया था। यह अनुच्छेद संविधान की किताबों में देखने को नहीं मिलता है। इस अनुच्छेद को लागू करने के लिए तत्कालीन सरकार ने धारा 370 के अंतर्गत प्राप्त शक्ति का इस्तेमाल किया था। इतिहास की मानें तो इसे राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 14 मई 1954 को लागू किया था। इस आदेश के राष्ट्रपति द्वारा पारित किए जाने के बाद भारत के संविधान में इसे जोड़ दिया गया। अनुच्छेद 35A धारा 370 का हिस्सा है।
इस धारा के तहत जम्मू-कश्मीर के अलावा भारत के किसी भी राज्य का नागरिक जम्मू-कश्मीर में कोई संपत्ति नहीं खरीद सकता इसके साथ ही वहां का नागरिक भी नहीं बन सकता। धरती की जन्नत का नागरिक वो ही माना जाएगा जो कि 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या उससे पहले के 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो या इससे पहले या इसके दौरान वहां पहले ही संपत्ति हासिल कर रखी हो। उदाहरण के तौर पर इसके साथ ही अगर जम्मू-कश्मीर की लड़की किसी बाहरी लड़के से शादी करती है तो उसके सारे अधिकार समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही उसके बच्चों को भी किसी तरह के अधिकार नहीं मिलेंगे। इससे पहले अनुच्छेद 35A पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के मद्देनजर कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। घाटी में सोमवार को हिंसक प्रदर्शनों की आशंकाओं के मद्देनजर श्रीनगर समेत दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अधिकारियों को हालात पर पूरी नजर बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए थे।












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