सुप्रीम कोर्ट के बाद देश की उच्च अदालतों में होगी जजों की नियुक्ति, कॉलेजियम ने 68 नामों को भेजा केंद्र के पास
नई दिल्ली, सितंबर 04। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की एकसाथ नियुक्ति के बाद अब हाईकोर्ट में खाली पड़े जजों के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 68 नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। आपको बता दें कि ये नियुक्तियां देश की 12 उच्च अदालतों (हाईकोर्ट) में की जाएंगी। ये सिफारिश चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है। इस कॉलेजियम में एनवी रमना के अलावा जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एएम खानविलकर का नाम भी शामिल है।
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112 नामों पर विचार के बाद 68 नाम हुए फाइनल
आपको बता दें कि इन तीनों जजों के नेतृत्व वाली कॉलेजियम ने 5 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक कई अहम बैठकें की। इन बैठकों में 112 नामों पर विचार हुआ था, जिसमें से 68 को फाइनल किया गया है। इन 68 नामों में 44 बार काउंसिल से और 24 नाम न्यायिक सेवा से हैं।
इन राज्यों की उच्च अदालतों में होगी जजों की नियुक्ति
केंद्र सरकार को कॉलेजियम ने जो 68 नाम भेजे हैं, अगर उन्हें स्वीकृति मिल जाती है तो देश की 12 हाईकोर्ट में इन जजों को नियुक्त किया जाएगा। इन 12 हाईकोर्ट में इलाहाबाद, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा, केरल, छत्तीसगढ़ और असम की उच्च अदालतें शामिल हैं।
इन उच्च अदालतों में कहां कितने पद हैं खाली
आपको बता दें कि विभिन्न हाईकोर्ट में लगभग 60 लाख केस पेंडिंग पड़े हैं और 43 प्रतिशत जजों के पद खाली हैं। इनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में 68, कलकत्ता हाईकोर्ट में 36, बॉम्बे हाईकोर्ट में 33, दिल्ली हाईकोर्ट में 31, पटना हाईकोर्ट 34, राजस्थान में 27 पद खाली हैं। जजों की संख्या के मामले में तेलंगाना सबसे खराब स्थिति में है। यहां 42 पदों की स्वीकृति है, जिसमें से 31 पद खाली हैं। गुजरात में 52 पदों की स्वीकृति है, लेकिन यहां भी 50 फीसदी पद खाली हैं। मध्य प्रदेश में 29 जज हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 40 पद खाली हैं। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में 18 पद खाली हैं।












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