तमिलनाडु: वेन्नियार को 10 फीसदी आरक्षण के फैसले को SC ने किया खारिज
नई दिल्ली, 31 मार्च। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार द्वारा वेन्नियार समुदाय को 10.5 फीसदी आरक्षण देने के फैसले को वापस ले लिया है। तमिलनाडु सरकार ने सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में वेन्नियार को मोस्ट बैकवर्ड कम्युनिटी आरक्षण देने का फैसला लिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और बीआर गावली की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए वेन्नियर्स को आरक्षण को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि हमारा मानना है कि इस बात के कोई पुख्ता आधार नहीं है कि वन्नियाकुला क्षत्रियों को 115 एमबीसी ग्रुप में शामिल किया जाए। लिहाजा 2021 एक्ट संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 का उल्लंघन है। इसलिए हाई के फैसले को हम बरकरार रखते हैं। तमिलनाडु विधानसभा ने पिछले साल फरवरी माह में एआईएडीएमके सरकार ने वेन्नियार को 10.5 फीसदी आरक्षण देने का विधेयक पास किया था। बता दें कि वेन्नियार्स को पहले वन्नियाकुला क्षत्रिय के तौर पर जाना जाता था।
इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एम दोरइस्वामी और जस्टिस मुरली शंगर की बेंच ने इस आरक्षण के खिलाफ 50 याचिकाओं पर सुनवाई। तमाम दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि यह कानून संविधान सम्मत नहीं है, लिहाजा इसे पारित करने भी कानून के खिलाफ है। मद्रास हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए मद्राह हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।












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