UPSC छात्रों की मौत पर अब सुपर 30 वाले आनंद कुमार ने तोड़ी चुप्पी, कोचिंग सेंटर पर जो कहा, वो सबको सुनना चाहिए
Anand Kumar On Rajinder Nagar Incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में भारी बारिश के दौरान राऊज आईएएस स्टडी सर्किल कोचिंग सेंटर के बेसमेंट लाइब्रेरी में पानी भर जाने से तीन यूपीएससी उम्मीदवारों की मौत का मामला विवादों में है। देशभर के मशहूर शिक्षक इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
दृष्टि IAS के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के बाद अब सुपर 30 के फाउंडर आनंद कुमार ने कोचिंग संस्थानों की मौजूदा स्थिति पर बात की है। आनंद कुमार ने बताया है कि आजकल कोचिंग सेंटर एक बिजनेस बन गया है। छात्र अब कोचिंग सेंटरों के लिए एक 'कस्टमर' हैं।

आनंद कुमार का दावा- 10 से 15 सालों में 90% कोचिंग सेंटर हो जाएंगे बंद
न्यूज एजेंसी ANI को दिए वीडियो इंटरव्यू में आनंद कुमार ने कहा है कि, ''मैं आपको एक्सपीरियंस से कह सकता हूं कि आने वाले, अगले 10 से 15 सालों में कोचिंग 90% खत्म हो जाएगी। ऑनलाइन पढ़ाई में किए गए प्रयोगों की संख्या अभी तक सिर्फ 1 फीसदी ही है। ऑनलाइन क्लास के लिए 99% काम अभी बाकी है।''
आनंद कुमार ने आगे कहा, ''अगर शिक्षकों की एक समर्पित टीम ऑनलाइन क्लास विकसित करती है, तो छात्रों को ऑफलाइन कक्षाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह एक टीम बनाए और ऑनलाइन मोड में यूपीएससी की कोचिंग शुरू करे।''
राजेंद्र नगर की घटना पर क्या बोले आनंद कुमार?
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की घटना पर आनंद कुमार ने कहा, ''यह जरूरी है कि छात्रों की मांगें पूरी की जाएं। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कोचिंग संस्थानों को जान गंवाने वाले छात्रों को 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा देना चाहिए...राज्य सरकार, केंद्र सरकार, आस-पास के कोचिंग संस्थान मिलकर मृतकों के परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दें।''
आनंद कुमार ने UPSC कोचिंग के लिए सरकार से की ये मांग?
आनंद कुमार ने सरकार से यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक टीम बनाने और ऑनलाइन कोचिंग कराने की अपील की है। आनंद कुमार ने कहा, ''मैं सरकार से यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक टीम बनाने और मुफ्त कोचिंग के लिए अपील करना चाहूंगा। सालों की कोशिश के बाद, एनसीईआरटी जैसी अच्छी किताब लिखी गई है। मैं किताब की प्रशंसा कर रहा हूं, सरकार की नहीं। मैं किताब लिखने वाली टीम की प्रशंसा कर रहा हूं। मैं कक्षा 11 और 12 की किताबें पढ़ता हूं और उन्हें पढ़ना अच्छा लगता है। इसलिए शिक्षा विभाग को भी इसी तरह की पहल करनी चाहिए और ऑनलाइन कोचिंग के लिए समर्पित एक बड़ा पोर्टल शुरू करना चाहिए।''
ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना पर विचार करते हुए आनंद कुमार ने कहा, कोचिंग संस्थानों को उचित बैठने की व्यवस्था और बेहतर शैक्षिक परिणाम सुनिश्चित करने के लिए अपने नामांकन में छात्रों की संख्या सीमित करनी चाहिए।
आनंद कुमार बोले- एजुकेशन को बिजनेस नहीं बनने देना चाहिए
आनंद कुमार ने कहा, "भले ही मुझे अपने कोचिंग संस्थान की फ्रेंचाइजी बेचने के लिए निवेशकों से कई प्रस्ताव मिले ताकि इसका विस्तार किया जा सके, लेकिन मेरी अंतरात्मा ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। मैं कोचिंग संस्थानों से अनुरोध करता हूं कि शिक्षा को बिजनेस नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि बच्चों के हितों को केंद्र में रखते हुए शिक्षण प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए।"
आनंद कुमार ने कहा, "मुझे लगता है कि कोचिंग अब एक बिजनेस बन गई है, जब भी हम समाचार पत्र पढ़ते हैं तो एक या दो पृष्ठ विज्ञापनों के जरिए से होते हैं।''












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