सनी देओल को क्यों दी गई Y-category की सुरक्षा, उन्हें किससे है खतरा?
नई दिल्ली- केंद्रीय गृह मंत्रालय इंटेलिजेंस ब्यूरो की खुफिया सूचनाओं के आधार पर समय-समय पर किसी भी वीआईवी या व्यक्ति के थ्रेट परसेप्शन का आंकलन करता रहता है। इसी आधार पर उस वीआईपी की सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाती है या फिर नए प्रोटेक्टी को हाई-प्रोफाइल सुरक्षा कवर मुहैया कराई जाती है। जिनका थ्रेट परसेप्शन खत्म हो जाता है और मंत्रालय को लगता है कि उन्हें अब आगे सुरक्षा दिए जाने की आवश्यकता नहीं है तो उसे हटा भी लिया जाता है। आमतौर पर यह पूरी तरह से सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तय किया जाने वाला पक्का पेशेवर काम है। बुधवार को गृहमंत्रालय ने बॉलीवुड अभिनेता और पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल को वाई-श्रेणी (Y-category) की सुरक्षा देने का फैसला किया है। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि सुरक्षा एजेंसियां अचानक उनकी जान पर खतरा क्यों महसूस करने लगी हैं?

Y-category की सुरक्षा क्या होती है?
आपको बता दें कि भारत में प्रधानमंत्री की सुरक्षा कवर को छोड़कर बाकी वीआईपी सुरक्षा (VIP Security)कवर को चार श्रेणियों में बांटा गया है- जेड प्लस (Z Plus), जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X)। सनी देओल को जो वाई-श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, उसके तहत उनके साथ हमेशा हथियारबंद 11 जवान (दो कमांडो समेत) और दो पीएसओ मौजूद रहेंगे। यह दस्ता तीन शिफ्ट में 24x7 उन्हें सुरक्षा कवर देगा। उनके आवास पर भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहेगी। देश में तमाम मंत्रियों और दूसरे वीआईपी को यह सुरक्षा मिली हुई है।
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सनी देओल की जान को किससे है खतरा?
सनी देओल पंजाब के गुरदासपुर से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। पंजाब के किसान अभी तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और दिल्ली की सीमाओं पर धरना दिए बैठे हैं। सनी देओल मोदी सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। पंजाब का गुरदासपुर जिला पाकिस्तान से भी सटा है। इसलिए, संभवत: सुरक्षा एजेंसियों को यह लगा कि देश-विरोधी ताकतें मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर सकती हैं। यही नहीं, किसान संगठन देशभर में भाजपा नेताओं, सांसदों और मंत्रियों के घेराव का ऐलान भी कर चुके हैं। पंजाब से पार्टी के दो ही सांसद हैं, गुरदासपुर और होशियारपुर सीटों से। सनी देओल को यह सुरक्षा देने की यह बड़ी वजह मानी जा रही है।

किसान आंदोलन को लेकर क्या रहा है सनी देओल का रुख?
64 साल के सांसद ने पिछले हफ्ते ट्विटर पर एक बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'मैं जानता हूं कि बहुत सारे लोग हालात का फायदा उठाने के लिए समस्याएं पैदा कर रहे हैं। वे किसानों के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उनका अपना एजेंडा हो सकता है। मैं अपनी पार्टी और किसानों के साथ खड़ा हूं और हमेशा किसानों के साथ रहूंगा। हमारी सरकार हमेशा किसानों की बेहतरी के लिए सोचती है और मुझे पक्का भरोसा है कि किसानों के साथ बातचीत करके सरकार इसका कोई अच्छा हल निकालेगी।' देओल ने यह बयान तब जारी किया जब उनकी चुप्पी पर सवाल उठ रहे थे। सनी देओल के बाद उनके 85 साल के पिता धर्मेंद्र ने भी ट्विटर पर लिखा था- 'अपने किसान भाइयों की तकलीफों को देखकर बहुत ही दर्द महसूस कर रहा हूं।' बता दें कि वो भी राजस्थान के बीकानेर से पार्टी सांसद रह चुके हैं। जबकि, धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी अभी भी यूपी के मथुरा से भाजपा एमपी हैं।

कंगना रनौत को भी मिल चुकी है Y श्रेणी की सुरक्षा
गौरतलब है कि इसी साल सितंबर में बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ बयानबाजी को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत जब शिवसेना और वहां के मंत्रियों के निशाने पर थीं, तब केंद्र सरकार ने उन्हें भी वाई-श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करवाई थी। गृहमंत्रालय ने उन्हें 24 घंटे सिक्योरिटी देने का जिम्मा सीआरपीएफ को सौंपा था। बाद में जब वो हिमाचल से मुंबई पहुंची तो उन्हें इस सिक्योरिटी की वजह से कहीं भी आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि, यह मामला सियासी विवाद की वजह जरूर बन गया था।












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