चुनाव परिणाम 
मध्‍य प्रदेश - 230
PartyLW
CONG1120
BJP1080
BSP40
OTH60
राजस्थान - 199
PartyLW
CONG1002
BJP674
IND120
OTH140
छत्तीसगढ़ - 90
PartyLW
CONG651
BJP170
BSP+50
OTH10
तेलंगाना - 119
PartyLW
TRS2265
TDP, CONG+617
AIMIM15
OTH12
मिज़ोरम - 40
PartyLW
MNF026
IND08
CONG05
OTH01
  • search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    सुंजवान आतंकी हमला: एक ही घर से हमले में बेटा शहीद तो पिता की मौत

    |

    त्राल। जम्‍मू कश्‍मीर के त्राल में मंगलवार को जो नजारा था, उसकी कल्‍पना आपमें से किसी ने नहीं की होगी। यहां के एक घर से सुंजवान आतंकी हमले में जहां एक शहीद हुआ तो वहीं एक की मौत हो गई। त्राल में मंगलवार को लांस नायक मोहम्‍मद इकबाल और उनके पिता गुलाम मोइनुद्दीन शेख को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोगों को हुजूम उमड़ा था। त्राल का यह माहौल उन लोगों की सोच बदलने के लिए काफी है जो यही सोचते हैं कि दक्षिण कश्‍मीर की इस जगह से बस बुरहान वानी जैसे आतंकी ही निकल सकते हैं।

    यह भी पढ़ें-सुंजवान आर्मी कैंप हमला: होश में आते ही मेजर ने पूछा आतंकियों का क्‍या हुआ

    13 वर्ष की उम्र में सेना से जुड़े थे इकबाल

    13 वर्ष की उम्र में सेना से जुड़े थे इकबाल

    मोहम्‍मद इकबाल की उम्र 32 वर्ष थी जब शनिवार को वह जम्‍मू के सुंजवान में हुए आर्मी कैंप में शहीद हुए। उनकी उम्र बस 13 वर्ष की थी जब वह सेना का हिस्‍सा बने। एक हफ्ते पहले लांस नायक इकबाल ने अपने पिता को मेडिकल चेकअप के लिए जम्‍मू बुलाया था। उनके पड़ोसियों की मानें तो यह बहुत ही दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि उनके परिवार ने पिता और बेटे दोनों को इस हमले में गंवा दिया है। पड़ोसी गुलाम कादिर कहते हैं कि अब तो खुदा ही जाने के परिवार का क्‍या होगा।

    नम आंखों से दी गई विदाई

    नम आंखों से दी गई विदाई

    एक रिश्‍तेदार ने बताया कि मंगलवार की सुबह परिवार को दोनों के बारे में जानकारी दी थी। इकबाल की मां बहुत बीमार हैं इसलिए उन्‍हें इस बारे में नहीं बताया गया था। इकबाल के पिता गुलाम मोइनुद्दीन के शव को पास ही स्थित पुराने कब्रिस्‍तान में दफन किया गया। इसके बाद इकबाल के शव को भी वहीं दफन किया गया। सैंकड़ों लोगों ने नम आंखों से पिता और बेटे को विदाई दी।

    स्‍पेशल प्‍लेन से शव पहुंचे घर तक

    स्‍पेशल प्‍लेन से शव पहुंचे घर तक

    हमले में शहीद चार जवानों और एक नागरिक के शव को जम्‍मू से एक स्‍पेशल मिलिट्री प्‍लेन के जरिए एयरलिफ्ट करके लाया गया था। इसके बाद शवों को रंगरेथ स्थित जम्‍मू कश्‍मीर लाइट इनफेंट्री सेंटर ले जाया गया। यहां पर सीनियर ऑफिसर ने जवानों का श्रद्धांजलि दी। यहां से शवों को गांवों के लिए रवाना कर दिया गया। जहां दो जवानों के शव दक्षिण कश्‍मीर आए तो दो जवानों के शव कुपवाड़ा भेजे गए।

     बर्फबारी में भी जुटे रहे लोग

    बर्फबारी में भी जुटे रहे लोग

    लांस नायक इकबाल से अलग कुपवाड़ा के बाटापोरा गांव में भारी बर्फबारी के बीच भी सैंकड़ों लोग हवलदार हबीबुल्‍ला कुरैशी के अंतिम संस्‍कार में आए थे। कुरैशी के घर में उनकी पत्‍नी, छह बेटियां और माता-पिता हैं। उनके पिता अमानुल्‍ला कुरैशी भी सेना से रिटायर हैं।

    आर्मी ऑफिसर ने भी दी श्रद्धांजलि

    आर्मी ऑफिसर ने भी दी श्रद्धांजलि

    वहीं जेसीओ मोहम्‍मद अशरफ मीर के घर भी आर्मी ऑफिसर्स की भीड़ थी। मीर लोलाब के मैदानपोरा गांव के रहने वाले थे। मीर के घर में उनकी पत्‍नी, तीन बच्‍चे और माता-पिता हैं। एक और जवान मंजूर अहमद का अंतिम संस्‍कार भी दक्षिण कश्‍मीर स्थित उनके गांव में किया गया।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The father and son duo from Tral lost life in the terror attack on Sunjuwan Army camp.
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more