543 बेटों को मिली एक 'मां', अब डांट और प्यार से चलेगी लोकसभा

इंदौर से रिकॉर्ड लगातार आठवीं बार लोकसभा चुनाव जीतने वाली सुमित्रा महाजन ने इस बार सत्यनारायण पटेल को 4,66,901 मतों से हराकर इतिहास रचा था। वह एक ही लोकसभा सीट से लगातार आठ बार जीतने वाली पहली महिला सांसद हैं।
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लोकसभा स्पीकर चुने जाने के बाद महाजन ने कहा कि इंसान के लिये हर नया काम चुनौती होता है। मेरे लिये पहली रोटी बनाना भी चुनौती था, पहला चुनाव लड़ना भी और अब यह नई जिम्मेदारी भी। पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है और बड़ी बात यह है कि बाकी सभी दलों ने भी समर्थन किया है। मैं अपेक्षाओं पर खरी उतरने की पूरी कोशिश करूंगी।
स्पीकर के तौर पर सभी के बीच सामंजस्य बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि अभी देखते हैं कि आगे क्या होता है। पहले मैं जिम्मेदारी संभाल लूं, फिर ही कुछ कह सकूंगी, लेकिन सभी के बीच सामंजस्य बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।
यह पूछने पर कि पिछले कुछ सत्रों में संसद की कार्रवाई जिस तरह से बाधित हुई, उन्हें लगता है कि यह चुनौती कठिन होगी, उन्होंने कहा कि संसद नहीं चलने के कई कारण रहे, लेकिन मैं आज इस पर कोई चर्चा नहीं करूंगी। पहले मैं सभी बातों को समझूंगी। संसद नहीं चली, वह सबके सामने हैं और कल चलेगा तो भी सभी के सामने होगा।
अपने खुशदिल स्वभाव के लिये मशहूर ताई के लिये लोकसभा में तेज आवाज में बोलना कितना मुश्किल होगा, यह पूछने पर महाजन ने कहा कि वह एक मां की तरह प्यार और डांट दोनों से काम लेंगी।
कानून की स्नातक और कला में परास्नातक कर चुकी महाजन ने कहा कि ''आपको क्या लगता है कि डांटने से ही सब ठीक हो सकता है।ऐसा नहीं है। मां प्रेम भी करती है और जरूरत पड़ने पर डांटती भी है। मैं भी एक मां हूं और मेरे पास मां का ह्रदय है तो मैं उसी तरीके से काम करूंगी।'' उनके इस संवाद पर सभी ने मेज थपथपा कर उनका अभिनंदन किया।












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