Sukma News: नक्सल प्रभावित गोगुंडा गांव में विकास की रोशनी, आजादी के बाद पहली बार पहुंची ग्रामीणों तक बिजली
Sukma News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गोगुंडा गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस गांव में अब विकास की नई रोशनी नजर आ रही है। कुछ समय पहले तक इस गांव में नक्सलियों का ऐसा खौफ था कि न तो पक्की सड़क थी और न बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं ही पहुंची थी। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सलवाद के कमजोर होने के बाद से विकास कार्यों ने जोर पकड़ा है।
गांव के एक निवासी ने बताया, 'पहले यहां न बिजली थी, न सड़क। जब से यहां CRPF कैंप बना है, तब से सड़क और बिजली दोनों आई हैं।' ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बाद प्रशासन ने बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना शुरू किया।

Sukma News: सीआरपीएफ कैंप लगने के बाद आई बिजली
- हाल ही में CRPF कैंप स्थापित होने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई। इसके साथ ही सड़क निर्माण और बिजली पहुंचाने का काम तेजी से पूरा किया गया।
- अब गांव में बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर लगाए जा चुके हैं, जिससे घरों में पहली बार रोशनी जली है। गोगुंडा गांव लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा, जिसके कारण विकास कार्य ठप पड़े थे।
- बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। रात में पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता था और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाकों में विकास पर जोर
बता दें कि छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर सघन ऑपरेशन चला रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा। ऑपरेशन कगार और 'ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के जरिए नक्सली कैंपों को ध्वस्त करने का काम चल रहा है।
21 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में 87वें CRPF स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से माओवादी हिंसा अब अपने अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़ में अब तक सैकड़ों की संख्या में नक्सलियों ने समर्पण भी किया है। सरकार की ओर से समर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार और मुख्यधारा में लौटने के अवसर दिए जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications