नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हत्या स्टालिन ने कराई थी- सुब्रमण्यम स्वामी
नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हत्या मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नेताजी की हत्या के पीछे रूस के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ स्टालिन का हाथ था। नेताजी का निधन 1945 को हुए विमान हादसे में नहीं हुआ था, जैसा कि लोग मानते हैं। स्वामी ने यह बयान अगरतला में आयोजित सांस्कृति गौरव संगस्ठ कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए दिया है। उन्होंने कहा कि नेताजी ने कम्युनिस्ट रूस से शरण मांगी थी, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई।

नेहरू की साजिश थी
स्वामी ने कहा कि बोस का निधन 1945 में नहीं हुआ, यह नेहरू और जापान का षड़यंत्र था। सुभाष चंद्र बोस ने रूस से शरण मांगी थी, और उन्हें जेल में डाल दिया गया था। नेहरू को सबकुछ पता था, बाद में बोस की हत्या कर दी गई। स्वामी ने यह भी दावा किया है कि ब्रिटिश राज ने भारत को आजादी बोस की आजाद हिंद फौज की वजह से सदी थी, जिसका गठन सिंगापुर में 75 साल पहले हुआ था। वर्ष 1948 में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लिमेंट एटली के भारत दौरे को याद करते हुए स्वामी ने कहा कि एटली ने खुद कहा था कि अगर भारतीय हथियार उठा लेते हैं तो यह मुश्किल हो सकता है, क्योंकि वह हमारी संख्या से कहीं अधिक हैं।
सिर्फ नोटिफिकेशन से खत्म हो सकता है 370
वहीं संविधान के अनुच्छेद 370 के बारे में स्वामी ने कहा कि इस अनुच्छेद को सिर्फ राष्ट्रपति को सूचित करके खत्म किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस अनुच्छेद की वजह से जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। स्वामी ने कहा कि संसद को अनुच्छेद 370 को खत्म करने के लिए वोट करने की जरूरत नहीं है, देश के राष्ट्रपति सिर्फ एक नोटिफिकेशन जारी करके इसे खत्म कर सकते हैं।
राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ
बोस और अनुच्छेद 370 के अलावा स्वामी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अहम बयान दिया है। स्वामी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए रास्ता साफ हो चुका है। मेरी याचिका पर कभी भी फैसला आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने 4-5 दिन पहले कहा है कि 1995 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की फिर से विवेचना नहीं की जाएगी।
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