तो सुब्रमण्यम स्वामी बनेंगे ब्रिक्स बैंक के चेयरमेन
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) क्या सुब्रमण्यम स्वामी ब्रिक्स बैंक के चेयरमेन बनेंगे? सरकार ने उनसे अनौपचारिक रूप से इस सवाल को पूछा है। अगर वे इस पद को लेने को लेकर उत्साह दिखाते हैं तो उन्हें ब्रिक्स बैंक का चेयरमेन बनाने के लिए सरकार कोशिश करेगी।

विकास बैंक का अनौपचारिक नाम
बता दें कि ब्रिक्स समूह के देशों ब्राजील, रूस,भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा स्थापित किए गए एक नए विकास बैंक का फिलहाल एक अनौपचारिक नाम है। 2014 के ब्रिक्स सम्मेलन में 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ नए विकास बैंक की स्थापना का निर्णय किया गया। ब्रिक्स देशों के बीच तय हुआ है कि इसका पहला प्रमुख भारत से होगा। इसका मुख्यालय चीन के प्रमुख शहर शिंघाई में रहेगा।
जाने-माने अर्थशास्त्री
जानकारों का कहना है कि शिखर अर्थशास्त्री स्वामी के लिए उक्त पद ठीक रह सकता है। वे इसपद को पाने की सारी शर्तें पूरी करते हैं। वे जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। हारवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ा चुके हैं। जानकारों का कहना है कि इस बैंक और फंड को पश्चिमी देशों के वर्चस्व वाले विश्व बैंक और आईएमएफ जैसी संस्थाओं के टक्कर में खड़ा किया जा रहा है।
वरिष्ठ अर्थशास्त्री अरुण कुमार के अनुसार, ब्रिक्स बैंक के प्रमुख काम होंगे- किसी देश शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी समस्याओं को दूर करना, ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाना आदि। सूत्रों का कहना है कि अगर स्वामी ब्रिक्स बैंक के चेयरमेन के पद को लेने के लिए तैयार हो जाते हैं तो फिर सरकार ब्रिक्स देशों के बीच उनके नाम को आगे बढ़ा देगी। बता दें कि पहले वरिष्ठ पत्रकार और अर्थशास्त्री अरुण शौरी का नाम भी इस पद के लिए लिया जा रहा था।












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