बढ़ते तापमान को लेकर शोध ने भारत सहित कई देशों के लिए बजाई खतरे की घंटी, 2050 तक हालात हो सकते हैं बदतर

नई दिल्ली, 31 अगस्त। जिस तरह से धरती पर जलवायु परिवर्तन हो रहा है उसकी वजह से आने वाले समय में लोगों की समस्या बढ़ने वाली है। ताजा शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में रहते हैं, उन्हें बढ़ते तापमान का खतरा काफी ज्यादा है, आने वाले दशक में हर साल के हर दिन यह समस्या बढ़ने वाली है। वैज्ञानिकों ने इसको लेकर सतर्क किया है। कुछ जगहों पर यह खतरा 25-50 फीसदी तक बढ़ सकता है। गौर करने वाली बात है कि भारत भी इसी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, लिहाजा भारत पर भी इसका खतरा बना हुआ है।

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शोध में यह बात सामने आई है कि मानव द्वारा कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन इस शताब्दी में हीट इंडेक्स को बढ़ा सकता है। कम्युनिकेसंश अर्थ एंड इनवायरमेंट में छपी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। अध्ययन के अनुसार कटिबंधीय क्षेत्र में जहां पर हीट इंडेक्स 1979 से 1998 के बीत प्रति वर्ष 15 फीसदी को पार कर गया, यहां पर 2050 तक और खतरनाक हीट इंडेक्स का अनुभव करेंगे। जानलेवा लू ईस्ट एशिया, सेंट्रल एशिया, सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप में हर वर्ष आ सकती हैं।

बढ़ते तापमान से बीमारियां भी लगातार बढ़ रही हैं। इस गर्मी में दुनियाभर के कई बड़े शहरों को लू ने बुरी तरह से प्रभावित किया है। भारत ने इस साल मार्च माह में सर्वाधिक पारा देखने को मिला है। इसके अलावा यूरोप, नॉर्थ अफ्रीका, मिडल ईस्ट और एशिया के अन्य हिस्सों में भी गर्मी लोगों के धैर्य को टेस्ट कर रही है। अगर ग्रीनहाउस उत्सर्जन को कम नहीं किया जाता है तो तापमान और तेजी से बढ़ेगा, अधिक पारा लोगों के लिए जानलेवा भी साबित होगा। यही नहीं अधिक गर्मी से कृषि की व्यवस्था पर भी अशर होगा और बड़े स्तर पर रहने योग्य जगहें बुरी तरह से प्रभावित होगी।

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