छात्रों का आरोप-उडुपी के कॉलेज HC के आदेशों का कर रहे हैं दुरुपयोग, 50 छात्राओं ने किया बहिष्कार
बेंगलुरु, 17 फरवरी: कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कुछ छात्र समूहों ने उडुपी जिले के डिप्टी कमिश्नर के समक्ष एक याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने केवल उन कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक लगा दी है जहां विकास समितियों ने छात्रों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया है। जिसके चलते कई महाविद्यालय अंतरिम आदेश का दुरुपयोग या गलत व्याख्या कर रहे हैं।

टी एम जाफरुल्ला द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि, कई निजी कॉलेजों ने अदालत के आदेश की गलत व्याख्या की है। जिन कॉलेजों में यूनिफॉर्म नहीं है, वे भी निहित स्वार्थों के दबाव में अदालत के निर्देश को लागू कर रहे हैं। हमें यह भी पता चला है कि पुलिस कॉलेजों में जा रही है और छात्रों को हिजाब हटाने का निर्देश दे रही है। उन्होंने डीसी से व्याख्याताओं और अधिकारियों को उचित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
वहीं कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद की वजह से हफ्तेभर बाद बुधवार को कई प्री यूनिवर्सिटी (विश्वविद्यालय पूर्व) कॉलेज खोले गए, लेकिन बुर्का पहनी मुस्लिम छात्राओं को कॉलेजों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। वहीं हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख करने वाली छह मुस्लिम छात्राएं कॉलेज से अनुपस्थित रहीं। वहीं उन छात्राओं के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए एक ही कॉलेज की बड़ी संख्या में मुस्लिम छात्राएं अनुपस्थित रहीं।
वहीं दूसरी ओर साउथ कन्नड जिलों में बुधवार को स्कूल खुलने के बाद 50 से अधिक मुस्लिम छात्राओं ने हिजाब हटाने से इनकार कर दिया। वे स्कूल से वापस घर लौट गईं। शहर के बाहरी इलाके पोम्पेई डिग्री कॉलेज की 20 छात्राएं, मुल्की के सरकारी डिग्री कॉलेज की 15 छात्राएं, विटला के कॉलेज की 11 छात्राएं, सुलिया में नेहरू मेमोरियल डिग्री कॉलेज की नौ छात्राएं, दो छात्र कावूर और कार स्ट्रीट के सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों द्वारा हिजाब हटाने के लिए कहे जाने पर कक्षाओं का बहिष्कार किया।
जिले के कुंडापुर सरकारी पीयू कॉलेज में 23 छात्राओं ने हिजाब पहने रहने पर जोर दिया, लिहाज़ा उन्हें बुधवार को कक्षा में नहीं जाने दिया गया। उन्हें पिछले हफ्ते एक अलग कमरे में बैठाया गया था, क्योंकि उन्होंने कक्षा में प्रवेश करने से पहले सिर ढकने वाला हिजाब उतारने से मना कर दिया था। उडुपी के मनीपाल स्थित एमजीएम कॉलेज में कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं, जहां पिछले हफ्ते विद्यार्थियों के समूहों ने एक दूसरे के खिलाफ नारे गए थे। अधिकारियों ने बुधवार को कॉलेज के लिए छुट्टी का ऐलान किया है।
जिले के अज्जरकड़ में जी शंकर सरकारी महिला प्रथम श्रेणी कॉलेज में हिजाब उतारने पर ही मुस्लिम छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश करने की अनुमति दी गई और ऐसा करने से मना करने वाली छात्राओं को अलग कक्षा में बिठाया गया। छात्राओं ने शिकायत की कि वे पूरे शैक्षणिक वर्ष में कक्षाओं में हिजाब पहना करती थीं और नया फैसला अचानक आया है।












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