छात्रा ने डिग्री लेते हुए मंच पर ही फाड़ी CAA की कॉपी, वीडियो हुआ वायरल
देबोस्मिता चौधरी नाम की छात्रा मंच पर पहुंची और डिग्री लेने के बाद मंच पर ही नागरिकता संशोधन कानून की प्रति फाड़ दी।
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को भी दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पहले दिल्ली समेत यूपी और बिहार में भी इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने दीक्षांत समारोह में ही डिग्री और मेडल लेते समय नागरिकता संशोधन कानून की प्रति फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया है। छात्रा के इस तरह विरोध जताने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
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'हम कागज नहीं दिखाएंगे, इंकलाब जिंदाबाद'
मंगलवार को पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह चल रहा था। इसी दौरान देबोस्मिता चौधरी नाम की छात्रा मंच पर पहुंची और अपनी एमए की डिग्री और मेडल लेने के बाद मंच पर ही नागरिकता संशोधन कानून की प्रति फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रा ने नागरिकता संशोधन कानून की प्रति फाड़ते हुए कहा, 'हम कागज नहीं दिखाएंगे, इंकलाब जिंदाबाद।' छात्रा ने जब ये सब किया तो उस दौरान मंच पर कुलपति, उपकुलपति और रजिस्ट्रार मौजूद थे।
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'मैंने इस कानून की कॉपी इसलिए फाड़ी क्योंकि...'
नागरिकता संशोधन कानून की प्रति फाड़ने के बाद देबोस्मिता चौधरी ने कहा, 'मैंने इस कानून की प्रति को फाड़कर कूड़े में इसलिए डाला क्योंकि ये कानून एक सच्चे नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए बाध्य करता है। किसी तरह का कोई भ्रम मत रखिए। मैं जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रति कोई असम्मान नहीं दिखा रही हूं। अपने पसंदीदा संस्थान में इस डिग्री से सम्मानित होने पर मुझे गर्व है। लेकिन, मैंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए इस मंच को चुना...क्योंकि मेरे दोस्त इस दीक्षांत समारोह के पास ही गेट पर धरने पर बैठे हैं।'

25 छात्र-छात्राओं ने ऐसे जताया विरोध
देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि उसके कुछ दोस्तों ने नागरिकता कानून के विरोध में कुलपति से डिग्री ग्रहण करने से इनकार कर दिया है। अर्कोप्रोबो दास नाम के एक अन्य छात्र ने बताया कि उसकी क्लास के करीब 25 छात्र-छात्राओं ने डिग्री लेने के लिए दीक्षांत समारोह के मंच पर जाने से मना कर दिया है। अर्कोप्रोबो ने बताया, 'हमने दीक्षांत गाउन पहना हुआ था, लेकिन जब हमारे नाम पुकारे गए तो हम मंच पर नहीं गए। नागरिकता संशोधन कानून के प्रति विरोध दर्ज कराने के लिए हमने यह तरीका चुना।'

छात्रों ने राज्यपाल को दिखाए काले झंडे
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध देखने को मिल रहा है। मंगलवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी छात्र-छात्राओं ने काले झंडे दिखाए। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस कानून के विरोध में हैं। ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वो इस कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। हालांकि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह कानून पूरी तरह से संवैधानिक है और राज्य सरकार को इसे लागू करना होगा।












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